कानपुर, नेशनल वार्ता | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कानपुर में वीआईपी रोड पर हुई हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी दुर्घटना मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी तेज रफ्तार से सुपरकार चला रहा था, जिससे कई लोग घायल हो गए थे। यह मामला अमीरों की लापरवाही और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
8 फरवरी को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा 8 फरवरी 2026 को दोपहर करीब तीन बजे कानपुर की वीआईपी रोड स्थित झूला पार्क क्रॉसिंग के पास हुआ था। तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार ने पैदल यात्रियों, ऑटो-रिक्शा और बाइक सवारों को टक्कर मार दी थी। हादसे के बाद कार एक पोल से जा टकराई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी।
पुलिस जांच में सामने आए अहम सबूत
प्रारंभिक जांच में परिवार की ओर से दावा किया गया था कि कार कोई ड्राइवर चला रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह दावा गलत पाया गया। CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पुलिस ने पुष्टि की कि दुर्घटना के समय शिवम मिश्रा ही वाहन चला रहा था।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| आरोपी | शिवम मिश्रा (35 वर्ष) | गिरफ्तार |
| कार | Lamborghini Revuelto | जब्त |
| अनुमानित कीमत | ₹10-12 करोड़ | सुपरकार |
| घायल | कम से कम 6 लोग | इलाज जारी |
| सबूत | CCTV, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक | पुष्ट |
- तेज रफ्तार से वाहन चलाने का आरोप।
- डमी ड्राइवर पेश करने की कोशिश विफल रही।
- कार और डिजिटल सबूत जब्त किए गए।
12 फरवरी को हुई गिरफ्तारी
कानपुर लैंबॉर्गिनी केस अपडेट!
मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा गिरफ्तार, 8 फरवरी को Lamborghini से हुई तेज रफ्तार दुर्घटना में 6 लोग घायल हुए थे। आज सुबह गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया। जमानत अर्जी पर सुनवाई जारी।#KanpurLamborghini #ShivamMishra #KanpurNews #UPCrime #Breaking pic.twitter.com/ksy5BHfkj8— Webvarta News Agency (@webvarta) February 12, 2026
पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन कर 12 फरवरी 2026 को शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की मेडिकल जांच कराई गई और उसे न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने 14 दिन की रिमांड की मांग की है, जबकि बचाव पक्ष ने जमानत अर्जी दाखिल की है।
पीड़ितों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
हादसे में घायल लोगों और उनके परिजनों ने आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निष्कर्ष
कानपुर लैंबॉर्गिनी हादसा यह दर्शाता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह आम लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। आरोपी की गिरफ्तारी से पीड़ितों को कुछ हद तक न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
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