कानपुर, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में स्थित हुमेरा टेनरी में जहरीली गैस की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटना बुधवार दोपहर की है, लेकिन टेनरी प्रबंधन पर मामले को छिपाने का गंभीर आरोप लग रहा है। मजदूर को गैस लगने से बेहोश होने के बाद रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस अस्पताल पहुंची और जांच शुरू कर दी है। यह घटना औद्योगिक सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों पर सवाल खड़े करती है। पुलिस प्रबंधन की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जो जनता के हित में जरूरी कदम है।
घटना का विवरण: गैस लगने से मजदूर की मौत
बुधवार दोपहर हुमेरा टेनरी में काम कर रहे मजदूर को अचानक जहरीली गैस लग गई, जिससे वह बेहोश हो गया। साथी मजदूरों ने उसे तत्काल रीजेंसी अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन वह टेनरी में नियमित काम करता था। टेनरी में केमिकल प्रोसेसिंग के दौरान ऐसी गैसें निकलना आम है, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी से यह हादसा हुआ।
प्रबंधन पर आरोप: घटना छिपाने की कोशिश
परिजनों और साथी मजदूरों का आरोप है कि टेनरी प्रबंधन ने घटना को छिपाने की कोशिश की। मजदूर को अस्पताल ले जाने के बाद भी पुलिस को सूचना नहीं दी गई। मौत के बाद ही मामला सामने आया। पुलिस अब प्रबंधन से पूछताछ कर रही है और लापरवाही के आरोपों की जांच कर रही है। यदि प्रबंधन दोषी पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस की कार्रवाई: जांच शुरू
सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस रीजेंसी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम कराया। थाना प्रभारी जांच कर रहे हैं कि गैस लीक कैसे हुई और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं। मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि लापरवाही साबित हुई, तो टेनरी प्रबंधन पर मुकदमा दर्ज होगा।
औद्योगिक सुरक्षा: मजदूरों के हित में जरूरी कदम
टेनरी जैसे उद्योगों में केमिकल गैसों से खतरा आम है। सरकार मजदूर सुरक्षा के लिए कई नियम लागू कर रही है – मास्क, वेंटिलेशन और ट्रेनिंग जरूरी। इस घटना से सुरक्षा मानकों की जांच की मांग बढ़ी है। मजदूरों के हित में त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
मजदूर सुरक्षा की प्राथमिकता
हुमेरा टेनरी में मजदूर की मौत दर्दनाक है। पुलिस की जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी। प्रबंधन पर छिपाने के आरोप गंभीर हैं। सरकार को औद्योगिक सुरक्षा को और मजबूत करना चाहिए। यह घटना मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा की याद दिलाती है। पीड़ित परिवार को न्याय मिले और ऐसे हादसे रुकें।




