Wednesday, January 14, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

कन्नौज जिला जेल से दो कैदी फरार: घने कोहरे का फायदा उठाकर दीवार फांदी, चार जेलकर्मी निलंबित

कन्नौज, अजय कुमार | वेब वार्ता

कन्नौज जिला जेल से दो कैदी फरार : उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक चौंकाने वाली घटना ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला जेल अनौगी से दो अंडरट्रायल कैदियों ने घने कोहरे का फायदा उठाते हुए जेल की ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए। इस घटना के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेल के चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जेल प्रणाली में लापरवाही के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है, जो कैदियों की सुरक्षा और जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। घटना की जांच जारी है और फरार कैदियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

घटना का विवरण: फिल्मी अंदाज में हुए फरार

रविवार देर रात को कन्नौज जिला जेल अनौगी, जो जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर स्थित है, में यह सनसनीखेज घटना घटी। फरार हुए कैदी अंकित (25 वर्ष) और डम्पी उर्फ शिवा (26 वर्ष) ने जेल के बैरक से छह कंबलों को जोड़कर एक रस्सी बनाई और करीब 22 फुट ऊंची जेल दीवार पर चढ़कर भाग निकले। घना कोहरा होने के कारण वॉचटावर पर तैनात गार्डों की दृष्टि सीमित थी और सीसीटीवी कैमरों में भी स्पष्ट फुटेज नहीं कैद हो सकी। अधिकारियों के अनुसार, कैदियों ने हफ्तों से इस योजना की रेकी की होगी और कोहरे का इंतजार कर रहे थे।

अंकित तालग्राम इलाके का निवासी है और उसे आर्म्स एक्ट (धारा 3/25) के तहत गिरफ्तार किया गया था, जबकि डम्पी उर्फ शिवा थठिया थाना क्षेत्र के मालगवां गांव का रहने वाला है, जो नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद था। घटना का पता सोमवार सुबह नियमित हेडकाउंट के दौरान चला, जब दोनों कैदी गायब पाए गए। जेल की दीवार से लटकते कंबलों ने भागने के तरीके को उजागर किया।

यह घटना जेल में नववर्ष उत्सव के दौरान हुई, जहां कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों की लापरवाही से कैदियों को मौका मिला। हालांकि, जेल प्रशासन ने दावा किया है कि उत्सव का वीडियो पुराना है, लेकिन जांच में इसकी पुष्टि की जा रही है। इस तरह की घटनाएं जेल प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती हैं, लेकिन सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि ऐसी लापरवाहियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई: निलंबन और जांच शुरू

घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में जेल कर्मियों की लापरवाही सामने आने पर चार अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया। निलंबित कर्मियों में जेल वार्डर शिवेंद्र सिंह यादव, जेल वार्डर शिवचरन, उप कारापाल बद्री प्रसाद और कारापाल विनय प्रताप सिंह शामिल हैं। इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कुछ रिपोर्ट्स में पांच कर्मचारियों के निलंबन का उल्लेख है, लेकिन आधिकारिक बयान में चार का नाम सामने आया है। जिला मजिस्ट्रेट आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी कारागार, कानपुर परिक्षेत्र प्रदीप गुप्ता को विस्तृत जांच सौंपी है। जेल अधीक्षक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आपराधिक मुकदमा भी शामिल हो सकता है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की जेल सुधार नीति का हिस्सा है, जो कैदियों की सुरक्षा, कर्मचारियों की जवाबदेही और जनता के हितों की रक्षा पर जोर देती है। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने जेलों में सीसीटीवी, हाई सिक्योरिटी वॉल्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स जैसे कदम उठाए हैं, जो ऐसी घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो रहे हैं।

फरार कैदियों की तलाश: पुलिस की मुहिम

फरार कैदियों की तलाश के लिए पुलिस ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। कन्नौज पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और आसपास के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि कैदियों के परिवारों और सहयोगियों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग का सहारा लिया जा रहा है।

इस घटना से स्थानीय निवासियों में दहशत है, लेकिन पुलिस की सक्रियता से जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार की ओर से जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित किए गए हैं, जो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में कारगर होंगे।

प्रमुख आंकड़े और तुलना

जेल सुरक्षा से जुड़े प्रमुख आंकड़ों को समझने के लिए निम्न तालिका दी गई है, जो उत्तर प्रदेश में हाल की जेल एस्केप घटनाओं और कार्रवाई को दर्शाती है (आधिकारिक स्रोतों के आधार पर):

वर्षजेल एस्केप घटनाएंनिलंबित कर्मीजांच रिपोर्ट्स
20243122 पूर्ण
2025281 पूर्ण
2026 (जनवरी तक)14जारी

यह तालिका दर्शाती है कि सरकार की सख्ती से एस्केप घटनाओं में कमी आई है, और कार्रवाई की गति बढ़ी है।

सरकार के प्रयास: जनहित में सुधार

उत्तर प्रदेश सरकार जेल सुधारों पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जेलों में डिजिटल मॉनिटरिंग, स्टाफ ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से न केवल कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि समाज में न्याय की भावना मजबूत हो रही है। इस घटना से सबक लेकर जेल प्रशासन और मजबूत होगा, जो अंततः जनता के लाभ में होगा।

निष्कर्ष: सख्ती से मजबूत होगी व्यवस्था

कन्नौज जिला जेल से कैदियों का फरार होना एक गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन प्रशासन की त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह घटना जेल प्रणाली में सुधार की जरूरत को रेखांकित करती है, और सरकार के प्रयासों से भविष्य में ऐसी घटनाएं न्यूनतम होंगी। फरार कैदियों की गिरफ्तारी से न्याय प्रक्रिया मजबूत होगी, और जनता में विश्वास बढ़ेगा। जांच के नतीजे आने के बाद और मजबूत कदम उठाए जाएंगे, जो राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाएंगे।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: यूपी कौशल विकास मिशन की शानदार सफलता: योगी सरकार ने लाखों युवाओं को बनाया आत्मनिर्भर, 2026 में 5 मंडलों में मेले—1 लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest

More articles