हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
कछौना विकास खंड निरीक्षण के दौरान गुरुवार को उस समय हड़कंप की स्थिति बन गई, जब डीसी मनरेगा एवं उपयुक्त श्रम एवं रोजगार रवि प्रकाश सिंह ने औचक निरीक्षण किया। ब्लॉक परिसर की व्यवस्थाओं, कार्यालयीन कार्यप्रणाली और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत सामने आई। निरीक्षण में पीला व दूषित पानी, जर्जर शौचालय, अव्यवस्थित फाइलें, अनुपयोगी भवन और परिसर में गंदगी जैसी कई खामियां पाई गईं। अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
कछौना विकास खंड निरीक्षण में उपस्थिति और फाइल प्रबंधन पर सख्ती
कछौना विकास खंड निरीक्षण की शुरुआत उपस्थिति पंजिका की जांच से हुई। डीसी मनरेगा ने सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। विभिन्न पटलों का निरीक्षण करते समय फाइलों के अव्यवस्थित रख-रखाव पर नाराजगी जताई गई।
- बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
- पुरानी आलमारियां हटाने के निर्देश
- नई अलमारियों की व्यवस्था
- फाइलों का सुव्यवस्थित संधारण
मनरेगा कक्ष और एडीओ पंचायत कक्ष की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई, जिस पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
पीले पानी की शिकायत पर तत्काल निर्देश
कछौना विकास खंड निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत कार्यालय के पास लगे वाटर कूलर से पीला और दूषित पानी आने की शिकायत सामने आई। ग्रामीणों ने इसे गंभीर समस्या बताया। डीसी मनरेगा ने खंड विकास अधिकारी को तत्काल जल गुणवत्ता सुधारने और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जर्जर शौचालय और अनुपयोगी भवन
राष्ट्रीय आजीविका मिशन कार्यालय का शौचालय अनुपयोगी पाया गया। ब्लॉक सभागार की जर्जर हालत भी सामने आई। सामुदायिक शौचालय में इंडिया मार्का हैंडपंप की चट्टान अधूरी और नल खराब मिला।
| निरीक्षण बिंदु | स्थिति |
|---|---|
| राष्ट्रीय आजीविका मिशन शौचालय | अनुपयोगी |
| ब्लॉक सभागार | जर्जर |
| सामुदायिक शौचालय | हैंडपंप अधूरा, नल खराब |
| महिला शौचालय | उपयोग में नहीं, दिव्यांग शौचालय में बदलने के निर्देश |
ब्लॉक परिसर में बने 16 आवासों में से केवल एक आवास संतोषजनक स्थिति में मिला, जबकि शेष जर्जर पाए गए।
ग्राम सचिवों की कार्यप्रणाली पर सवाल
कछौना विकास खंड निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई जर्जर भवनों में ग्राम सचिवों ने अस्थायी कार्यालय बना रखे हैं और ग्राम सचिवालयों में नियमित रूप से नहीं बैठते। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
डीसी मनरेगा ने स्पष्ट कहा कि यदि ब्लॉक मुख्यालय की यह स्थिति है, तो ग्राम सभाओं की हालत का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
परिसर में गंदगी और उपेक्षित हरियाली
निरीक्षण के दौरान परिसर में कूड़े के ढेर, बिना ट्री-गार्ड के सूखे पेड़-पौधे और उखड़ी ईंटें अव्यवस्था की गवाही देती रहीं। पशु चिकित्सा कार्यालय के शौचालय को भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।
- परिसर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश
- हरियाली संरक्षण पर जोर
- जर्जर भवनों का स्थलीय निरीक्षण आवश्यक
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
कछौना विकास खंड निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की शिथिल कार्यशैली और कामचलाऊ रवैये पर सवाल उठाए गए। डीसी मनरेगा ने कहा कि योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए व्यवस्था में तत्काल सुधार आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी महेश प्रसाद, एडीओ पंचायत संतोष कुमार सहित समस्त ब्लॉक कर्मी मौजूद रहे।
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