कछौना/हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक (वेब वार्ता)। खाद संकट ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन के पर्याप्त भंडारण और निर्बाध आपूर्ति के दावों के बावजूद अन्नदाता सुबह से लेकर शाम तक भूखे-प्यासे कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। महिलाएं भी घंटों धूप में खड़ी रहती हैं, लेकिन अधिकतर किसान या तो खाली हाथ लौटते हैं या फिर एक–आध बोरी खाद लेकर घर पहुंचते हैं। मजबूरी में उन्हें बिचौलियों और निजी दुकानदारों से दोगुनी कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है।
विकासखंड कछौना की साधन सहकारी समिति लि. पुरवा का वितरण केंद्र बीते चार–पांच दिनों से अचानक बंद पड़ा है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। समिति अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खाद का वितरण पारदर्शी तरीके से न होकर गुपचुप ढंग से चुनिंदा लोगों को किया जाता है। यहां तक कि खाद ब्लैक में बेची जाती है और केंद्र का कोई निश्चित समय भी नहीं है। खरीफ की फसल के इस अहम मौके पर केंद्र बंद होने से किसान बेहाल हैं।
अनिल द्विवेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सोमवार से खाद वितरण शुरू नहीं हुआ तो वह अपनी सात सदस्यीय समिति के साथ सामूहिक इस्तीफा देंगे। वहीं, कई किसानों ने भी 225 रुपये सदस्यता शुल्क वापस लेने और समिति की सदस्यता छोड़ने की बात कही है।
इस पूरे प्रकरण पर समिति सचिव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खाद का वितरण नियमानुसार ही किया गया है।