शाहजहांपुर/जलालाबाद, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
नगर पालिका द्वारा हाल ही में लागू किए गए जल और भवन कर (Water & Property Tax) के नए प्रावधानों ने शहरवासियों में भारी रोष पैदा कर दिया है। सोमवार को नगर की सड़कों पर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया, जबकि मंगलवार दोपहर 2 बजे पूर्व चेयरमैन संजय पाठक ने पालिका के कार्यपालन अधिकारी (ईओ) से मुलाकात कर टैक्स नीति के विरोध में अपना पक्ष मजबूती से रखा। पाठक ने कहा कि “पालिका द्वारा लगाया गया टैक्स शासन की गाइडलाइंस का उल्लंघन है और आम जनता के साथ अन्याय है।”
पूर्व चेयरमैन ने ईओ से की कड़ी आपत्ति
ईओ के साथ बैठक के दौरान संजय पाठक ने नगर पालिका की टैक्स नीति को “एकतरफा और गैरकानूनी” बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि जल कर में मीटर रीडिंग की अनियमितता, भवन कर में मनमाना मूल्यांकन और पुराने बकाया पर भारी ब्याज जैसे बिंदु जनता के साथ सीधा अन्याय हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन खामियों को तत्काल नहीं सुधारा गया तो पालिका प्रशासन को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
“जनता की लड़ाई लड़ी जाएगी” – संजय पाठक
पूर्व चेयरमैन संजय पाठक ने कहा कि वे जनता की सुविधा और अधिकारों के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “यदि पालिका ने टैक्स नीति में सुधार नहीं किए, तो हम न केवल आंदोलन करेंगे, बल्कि अदालत में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।” उन्होंने ईओ को दो टूक कहा कि नगर की जनता पर अनावश्यक कर बोझ डालना किसी भी तरह से स्वीकार्य नहीं है। पाठक ने यह भी कहा कि जनता पहले से ही आर्थिक बोझ से जूझ रही है, ऐसे में यह कर सिर्फ असंतोष और अव्यवस्था बढ़ाएगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू
इस विवाद के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल मच गई है। स्थानीय नागरिक समितियों ने नगर पालिका की टैक्स नीति को “जनविरोधी” करार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इसे विपक्ष का “राजनीतिक स्टंट” बताया है। शहर के कई व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और जनहित में पुनर्विचार की मांग की है।
- नगर पालिका द्वारा बढ़ाए गए जल और भवन कर को लेकर शहरवासियों में आक्रोश।
- पूर्व चेयरमैन संजय पाठक ने ईओ से मुलाकात कर दर्ज कराया विरोध।
- मीटर रीडिंग, कर मूल्यांकन और ब्याज दरों पर उठे सवाल।
- भाजपा ने इसे विपक्ष का राजनीतिक स्टंट बताया, जबकि जनता ने सुधार की मांग की।
असंतोष के बढ़ने के संकेत
सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में टैक्स वृद्धि के विरोध में बड़ा प्रदर्शन और धरना भी आयोजित किया जा सकता है। नगर के व्यापारिक संगठनों, नागरिक समितियों और आम लोगों ने एकजुट होकर आंदोलन करने की तैयारी शुरू कर दी है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है और उच्चाधिकारियों ने मामले की रिपोर्ट मांगी है। फिलहाल शहर में टैक्स नीति को लेकर जनाक्रोश अपने चरम पर है।
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