जलालाबाद (शाहजहांपुर), रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद कस्बे में सर्राफा कारोबार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने स्थानीय सर्राफा व्यापारी पर गिरवी रखे सोने-चांदी के जेवर हड़पने और दुकान बंद कर फरार होने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
जलालाबाद निवासी देवकी पत्नी पप्पू ने थाना जलालाबाद में दी गई तहरीर में बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने पीपल वाली गली के पास स्थित सर्राफा व्यापारी महेश वर्मा की दुकान पर अपने कीमती जेवर 50 हजार रुपये में गिरवी रखे थे। देवकी का कहना है कि उन्होंने समय-समय पर ब्याज चुकाया, लेकिन परिस्थितियों के चलते जेवर छुड़वा नहीं सकीं।
गिरवी रखे गए जेवरों का विवरण
| क्रम | जेवर का नाम | धातु |
|---|---|---|
| 1 | कमर का बिछुआ | चांदी |
| 2 | पायल (एक जोड़ी) | चांदी |
| 3 | अंगूठियां (दो) | सोना |
| 4 | गले का पेंडल | सोना |
| 5 | झुमकी (दो जोड़ी) | सोना |
| 6 | गले का ओम | सोना |
पीड़िता के अनुसार, वर्तमान समय में इन जेवरों की बाजार कीमत पांच लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
दुकान बंद, धमकी देने का आरोप
देवकी ने बताया कि जब हाल ही में वह अपने जेवर वापस लेने दुकान पहुंचीं, तो दुकान बंद मिली। बाद में सुराग लगाकर जब उन्होंने महेश वर्मा से संपर्क किया, तो आरोप है कि उसने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए दोबारा दुकान पर न आने को कहा।
पीड़िता ने जताया जान-माल का खतरा
पीड़िता का कहना है कि आरोपी की नियत खराब हो चुकी है और वह जेवर लौटाना नहीं चाहता। इस घटनाक्रम से उन्हें और उनके परिवार को जान-माल का खतरा बना हुआ है। तहरीर में देवकी ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेवर वापस दिलाने की मांग की है।
पुलिस का पक्ष
इस संबंध में थाना प्रभारी जलालाबाद राजीव तोमर ने बताया कि पीड़िता की तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है और आरोपी से पूछताछ के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
जलालाबाद का यह मामला सर्राफा कारोबार में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है, लेकिन पीड़िता को शीघ्र न्याय और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
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