नल से जल योजना: ग्रामीण जीवन में आए ऐतिहासिक बदलाव की पड़ताल करेंगी विवि, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

जल जीवन मिशन के तहत लागू ‘हर घर जल’ योजना ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में केवल नल से पानी ही नहीं पहुंचाया, बल्कि लोगों की जीवनशैली, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिलाओं की भूमिका में भी व्यापक बदलाव लाने का काम किया है। अब इस बदलाव को आंकड़ों और सामाजिक प्रभाव के रूप में सामने लाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के विभिन्न मंडलों में केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के माध्यम से इंपैक्ट असेसमेंट (प्रभाव आकलन) कराया जा रहा है।

हर घर जल योजना से ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में बड़ा बदलाव, यूपी में विवि व आईआईटी मद्रास कर रहे इंपैक्ट असेसमेंट।
हर घर जल योजना से ग्रामीण स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में बड़ा बदलाव, यूपी में विवि व आईआईटी मद्रास कर रहे इंपैक्ट असेसमेंट।

11 मंडलों में चल रही प्रभाव आकलन की प्रक्रिया

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अनुसार, फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी सहित कुल 11 मंडलों में हर घर जल योजना के प्रभाव का अध्ययन जारी है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध होने से ग्रामीण परिवारों के जीवन में किस तरह के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी बदलाव आए हैं।

जिन मंडलों में वर्तमान में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया चल रही है, वे हैं:

  • लखनऊ

  • अयोध्या

  • प्रयागराज

  • वाराणसी

  • बस्ती

  • गोरखपुर

  • कानपुर

  • अलीगढ़

  • बरेली

  • सहारनपुर

  • आजमगढ़

  • मिर्जापुर

इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ टीमें गांव-गांव जाकर मैदानी सर्वे, साक्षात्कार और आंकड़ों का विश्लेषण कर रही हैं।

बुंदेलखंड में आईआईटी मद्रास करेगी गहन अध्ययन

बुंदेलखंड क्षेत्र, जो लंबे समय से जल संकट और पलायन की समस्या से जूझता रहा है, वहां हर घर जल योजना के सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। इन नतीजों के वैज्ञानिक और सामाजिक विश्लेषण के लिए आईआईटी मद्रास की टीम को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी की गई है।

आईआईटी मद्रास द्वारा किया जाने वाला यह अध्ययन विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर केंद्रित होगा:

  • जल उपलब्धता से स्वास्थ्य में सुधार

  • महिलाओं और बच्चों के समय की बचत

  • शिक्षा में उपस्थिति और निरंतरता

  • रोजगार और पलायन पर प्रभाव

महिलाओं के जीवन में आया सबसे बड़ा बदलाव

हर घर जल योजना का सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है। पहले जहां महिलाओं को रोज़ाना कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था, वहीं अब घर में नल होने से:

  • समय की बचत हुई

  • स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं घटीं

  • स्वयं सहायता समूहों और आजीविका गतिविधियों में भागीदारी बढ़ी

  • सामाजिक आत्मविश्वास में वृद्धि हुई

इंपैक्ट असेसमेंट में यह भी देखा जा रहा है कि नल से जल मिलने के बाद महिलाएं किस तरह आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं

स्वास्थ्य और शिक्षा पर दिखा सकारात्मक असर

पाइप से शुद्ध पेयजल मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। बच्चों में डायरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के मामले घटे हैं, जिससे:

  • स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी

  • पढ़ाई में निरंतरता आई

  • परिवारों के चिकित्सा खर्च में कमी हुई

पूर्व में झांसी और चित्रकूट मंडल में कराए गए प्रभाव आकलन में भी यह निष्कर्ष सामने आया था कि नल से जल ने ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या को आसान और सुरक्षित बनाया है।

जल जीवन मिशन: प्रमुख प्रभाव (तालिका)

प्रभाव क्षेत्रसामने आए प्रमुख बदलाव
स्वास्थ्यजलजनित बीमारियों में कमी
शिक्षाबच्चों की स्कूल उपस्थिति में सुधार
महिला सशक्तिकरणसमय बचत, आत्मनिर्भरता
रोजगारपलायन में कमी
सामाजिक जीवनजीवनस्तर में सुधार

इन मंडलों में जल्द शुरू होगा आकलन

राज्य सरकार ने मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडल में भी जल्द ही प्रभाव आकलन शुरू कराने का निर्णय लिया है। इन मंडलों में यह कार्य केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा।

इसके लिए संबंधित संस्थाओं को औपचारिक अनुरोध भेजा जा चुका है, ताकि अध्ययन निष्पक्ष, वैज्ञानिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप हो।

निष्कर्ष: सुविधा नहीं, ग्रामीण बदलाव की धारा

हर घर जल योजना आज सिर्फ एक सरकारी सुविधा नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण बदलाव की असली धारा बन चुकी है। व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट से यह स्पष्ट होगा कि नल से आया जल किस तरह गांवों के सामाजिक और आर्थिक भविष्य को नई दिशा दे रहा है। विश्वविद्यालयों, आईआईटी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भागीदारी इस योजना की सफलता को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: PM मोदी 17–18 जनवरी को असम दौरे पर, डिब्रूगढ़–लखनऊ अमृत भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img