हरदोई में सांसद अशोक रावत ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 455 पोषण पोटली व हियरिंग मशीनें वितरित कीं

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना में गुरुवार को एक वृहद जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इंडियन रेलवे फाइनेंस की सीएसआर योजना के सहयोग से मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने टीबी से पीड़ित 455 मरीजों को पोषण पोटली वितरित कीं, वहीं जरूरतमंद श्रवण बाधित मरीजों को हियरिंग मशीनें भी प्रदान की गईं।

जनस्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी से पीड़ित मरीजों को बेहतर पोषण, उपचार और सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें शीघ्र स्वस्थ बनाना है। इस अवसर पर सांसद अशोक रावत ने कहा कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से उपचार योग्य बीमारी है, बशर्ते मरीज नियमित दवा और पौष्टिक आहार का सेवन करें।

उन्होंने कहा कि सरकार मरीजों को निःशुल्क जांच, दवाएं और पोषण किट उपलब्ध कराकर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का कार्य कर रही है।

वितरित सहायता का विवरण

सहायता का प्रकारविवरण
पोषण पोटली455 टीबी मरीजों को वितरित
हियरिंग मशीनश्रवण बाधित जरूरतमंद मरीजों को
योजना सहयोगइंडियन रेलवे फाइनेंस (CSR)
आयोजन स्थलसीएचसी कछौना, हरदोई

सांसद ने बताया सरकार की प्राथमिकता

सांसद अशोक रावत ने कहा कि डबल इंजन की सरकार टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर निरंतर गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि हियरिंग मशीनें प्रदान कर श्रवण बाधित मरीजों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का भी प्रयास है।

जागरूकता पर दिया गया विशेष जोर

कार्यक्रम में युवा नेता संचित अग्रवाल ने मरीजों से अपील की कि वे दवाओं का नियमित सेवन, स्वच्छता और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करें।

नगर अध्यक्ष राधा रमण शुक्ला उर्फ पंकज ने कहा कि समय पर जांच और सही उपचार से टीबी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बुखार, वजन घटना और कमजोरी टीबी के प्रमुख लक्षण हैं।

उन्होंने कहा कि 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग इससे अधिक प्रभावित होते हैं, इसलिए समय पर जांच और उपचार अत्यंत आवश्यक है।

  • 455 मरीजों को पोषण सहायता
  • श्रवण बाधितों को हियरिंग मशीन
  • निःशुल्क जांच और दवा सुविधा
  • जागरूकता अभियान पर जोर

निष्कर्ष

हरदोई में आयोजित यह कार्यक्रम टीबी मुक्त भारत अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। पोषण, उपचार और जागरूकता के माध्यम से मरीजों को आत्मनिर्भर और स्वस्थ बनाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

👉 स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी खबरों के लिए हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: हरदोई: जनहित सर्वोपरि, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित हो : जिलाधिकारी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest

More articles