हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन की दिशा में हरदोई जिले ने अहम उपलब्धि हासिल की है। प्रभावी कार्ययोजना, सुदृढ़ जांच प्रणाली और व्यापक स्क्रीनिंग अभियान के चलते जनपद ने वर्ष 2025–26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा है। यह उपलब्धि प्रदेश में जिले की मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती है।
लक्ष्य से अधिक टीबी मरीजों की पहचान
| वर्ष | निर्धारित लक्ष्य | पहचाने गए मरीज | अधिकता |
|---|---|---|---|
| 2025–26 | 13,565 | 14,465 | लगभग 7% |
जिले को वर्ष 2025–26 के लिए 13,565 टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन का लक्ष्य दिया गया था, जबकि स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से 14,465 मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया। यह लक्ष्य से लगभग सात प्रतिशत अधिक है।
जांच तकनीकों का प्रभावी उपयोग
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पाण्डेय ने बताया कि जिले में टीबी की पहचान के लिए माइक्रोस्कोपी, एक्स-रे और ट्रूनाट तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। हाल के दिनों में सीबीनाट जांच में प्रयुक्त कार्टेज की उपलब्धता प्रभावित हुई है, किंतु इसके बावजूद जांच कार्य बाधित नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि शासन से कार्टेज क्रय करने के निर्देश प्राप्त हो चुके हैं और प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। लखनऊ से कार्टेज उपलब्ध होते ही सीबीनाट जांच पुनः शुरू कर दी जाएगी।
जिले में उपलब्ध जांच सुविधाएं
| जांच सुविधा | उपलब्ध केंद्रों की संख्या |
|---|---|
| माइक्रोस्कोपी | 44 टीबी यूनिट |
| एक्स-रे | 15 स्थान |
| ट्रूनाट | 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र |
इसके अतिरिक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से भी सैंपल भेजकर जांच सुनिश्चित की जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक संभावित टीबी मरीज की समयबद्ध जांच हो, ताकि किसी को असुविधा न हो।
उच्च जोखिम वर्ग पर विशेष ध्यान
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. नोमानउल्लाह ने बताया कि बीते वर्ष उच्च जोखिम वर्ग—एचआईवी संक्रमित, कुपोषित, नशा करने वाले तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के—लगभग 10 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई।
- लगभग 35% टीबी मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं
- शेष मरीजों का उपचार एवं निगरानी जारी
- 8,000 मरीज निक्षय मित्रों द्वारा गोद लिए गए
- 560 निक्षय मित्र अभियान में सक्रिय
इनमें से 3,200 से अधिक टीबी मरीजों को संस्था HCL द्वारा गोद लिया गया, जो जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
निष्कर्ष
हरदोई जिले की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सुदृढ़ स्वास्थ्य ढांचा, आधुनिक जांच तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। यदि यह प्रयास निरंतर जारी रहे, तो जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य शीघ्र साकार हो सकता है।
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