हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
हरदोई में जनहित से जुड़ी समाज कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही उजागर होने पर सरकार ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ा एक्शन लिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री रमाकान्त को शासकीय कार्यों में शिथिलता, नियमों की अनदेखी और योजनाओं में उदासीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण के निर्देश पर हुई। मामले की विस्तृत जांच के लिए उप निदेशक श्री जे. राम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह कार्रवाई योगी आदित्यनाथ सरकार की जनहित योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
लापरवाही के गंभीर आरोप: योजनाओं में अनियमितता
जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं:
- जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (चठिया धनवार एवं कछौना): 14 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और 2 इलेक्ट्रिशियन/प्लंबर की तैनाती श्रम संविदा पर होनी थी। जेम पोर्टल से फर्म चयन में दो माह देरी और भ्रामक जानकारी दी गई।
- जीरो पॉवर्टी योजना (वृद्धावस्था पेंशन): 1219 पात्र परिवारों में से केवल 116 के आवेदन पोर्टल पर दर्ज किए गए।
- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना: चयनित ग्रामों के सर्वे फॉर्म समय से प्राप्त नहीं कराए गए।
- समाधान दिवस: जनसमस्याओं के निस्तारण में उदासीनता।
ये कृत्य उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1956 और अनुशासन एवं अपील नियमावली 1999 का उल्लंघन माने गए।
राज्यमंत्री का बयान: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जनहित योजनाओं में लापरवाही, उदासीनता या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की योजनाओं में पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रमुख आरोप एक नजर में
| योजना/कार्य | लापरवाही |
|---|---|
| जय प्रकाश नारायण विद्यालय | निविदा में देरी, भ्रामक जानकारी |
| जीरो पॉवर्टी (वृद्धावस्था पेंशन) | 1219 में से केवल 116 आवेदन दर्ज |
| आदर्श ग्राम योजना | सर्वे फॉर्म समय से नहीं प्राप्त |
| समाधान दिवस | उदासीनता |
यह तालिका मुख्य लापरवाही को स्पष्ट करती है।
सरकार के प्रयास: जीरो टॉलरेंस नीति
योगी सरकार जनकल्याण योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दे रही है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से अधिकारी सतर्क हो रहे हैं। जांच से दोषियों पर एक्शन होगा और योजनाएं बेहतर क्रियान्वित होंगी।
निष्कर्ष: जनहित योजनाओं में पारदर्शिता जरूरी
जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाकान्त का निलंबन जनहित योजनाओं में लापरवाही पर सख्त संदेश है। राज्यमंत्री असीम अरुण के निर्देश से कार्रवाई त्वरित हुई। जांच पूरी होने पर आगे एक्शन होगा। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से जनता को न्याय और लाभ मिलेगा। ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहें।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: हरदोई: पुलिसकर्मियों को eDAR पोर्टल का विशेष प्रशिक्षण – सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा त्वरित कैशलेस इलाज




