हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक( वेब वार्ता)। अमन और सुकून की पहचान रहा शाहाबाद शुक्रवार को खून के आंसुओं में डूब गया। नौ दिन पहले नगर के वियर वार के पास झगड़े और मारपीट के बाद लापता हुआ भाजपा बूथ अध्यक्ष शैलेन्द्र उर्फ़ गौरी का शव शाहाबाद कोतवाली से महज़ 200 मीटर दूर निवाज़बाड़ी तालाब की जलकुंभी में दबा हुआ बरामद हुआ। शव देखकर नगरवासियों की रूह कांप उठी और पूरा नगर आक्रोश और ग़ुस्से से भर गया।
परिजनों का आरोप हादसा नहीं हत्या
परिजनों का कहना है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि बेरहमी से की गई हत्या है। कुछ दिन पहले ही नगर के वियर वार पर चार लोगों ने उससे मारपीट की थी। पिता ने शुरू से ही अपहरण की आशंका जताई थी, मगर पुलिस ने उनकी पुकार को अनसुना कर दिया। आज वही आशंका खून से लथपथ हक़ीक़त बनकर सामने आ गई।
माँ की चीख से हर आंख हो गयी नम
शव मिलने के बाद परिजनों का मातम पूरे शाहाबाद को झकझोर गया। मृतक का पिता रो-रोकर कहता रहा कि पुलिस ने हर बार उसे नज़रअंदाज़ किया। वहीं माँ बेसुध होकर बार-बार यही चीखती रही—
“मेरा लाल लौटा दो… हमें बेटे की मौत का हिसाब चाहिए… हमें इंसाफ चाहिए।”
उनकी करुण पुकार सुनकर हर किसी की आँखें नम हो उठीं।
भीड़ का आक्रोश और पुलिस पर सवाल
तालाब किनारे सैकड़ों लोग जमा हो गए। भीड़ में से नारे गूँजते रहे—
“ख़ून के क़र्ज़ का हिसाब दो… ज़ालिमों की हिफ़ाज़त करने वालों का पर्दाफ़ाश करो।”
नगर के चौराहों तक यही सवाल उठता रहा कि अगर शाहाबाद पुलिस ने समय रहते सख्ती दिखाई होती तो शैलेन्द्र की जान बच सकती थी। लोग इसे पुलिस की नाकामी और अपराधियों को संरक्षण देने का नतीजा बता रहे हैं।
भाजपा नेताओं के खिलाफ़ भी फूटा ग़ुस्सा
शैलेन्द्र के भाजपा बूथ अध्यक्ष होने के कारण हत्या ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया। शव मिलने की खबर आग की तरह पूरे जनपद में फैल गई। हालात संभालने के लिए उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन और अन्य नेता मौके पर पहुँचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रशासन का आश्वासन
आक्रोश बढ़ता देख अधिकारियों ने तत्कालीन शाहाबाद कोतवाली प्रभारी को निलंबित करने और घटना में साजिशकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।
🟥 शाहाबाद की सिसकियाँ…
8 दिन बाद तालाब से बरामद हुआ भाजपा बूथ अध्यक्ष शैलेन्द्र का शव।
परिजनों का आरोप– यह हत्या है, हादसा नहीं।
भीड़ का ग़ुस्सा, माँ की करुण पुकार—“मेरा लाल लौटा दो…”
जाँच तेज़, दो आरोपी हिरासत में।#Shahabad #Hardoi #BJP #Justice #UPPolice pic.twitter.com/7SlpO5YogX— Webvarta News Agency (@webvarta) August 29, 2025
शाहाबाद की तक़दीर पर लिखा ज़ख़्म
यह घटना सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि पूरे शाहाबाद की तक़दीर पर लिखा हुआ ज़ख़्म है। नगरवासी कह रहे हैं
“अगर इस खून से सनी हक़ीक़त पर पर्दा डाला गया तो आने वाली नस्लें पूछेंगी—क्या यही था इंसाफ़ का तराज़ू? जहाँ लाशें तालाब से निकलती रहीं और हुक़ूमत चुपचाप तमाशा देखती रही।”
पुलिस छावनी में तब्दील शाहाबाद
शव मिलने के बाद परिजनों सहित नगरवासियों में आक्रोश भड़क उठा। हालात काबू में करने के लिए दर्जनभर थानों की फोर्स शाहाबाद भेजी गई। सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और पुलिस लाइन से भी अतिरिक्त बल मंगाना पड़ा। कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे और परिजनों को समझाने-बुझाने की कोशिश करते रहे। करीब छह घंटे बाद शव को तालाब से निकालकर पंचनामा भर कड़ी सुरक्षा में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस की कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश ने बताया कि 21/22 अगस्त को बीयर बार में मारपीट की घटना हुई थी। उसी के बाद शैलेन्द्र लापता हो गया। पुलिस ने उसी दिन चार नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया था। अब उसका शव तालाब से बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने नामजद दो लोगों को हिरासत में लिया है और मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।