हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद की ग्राम सभा उसरहा में ग्रामीणों की सजगता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक संरक्षित वन्य जीव साही (सेही) की जान बचाई जा सकी। आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचे इस वन्य जीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश गया।
आटा चक्की के पास दिखी सेही, मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम उसरहा निवासी संदीप मौर्य की आटा चक्की के समीप अचानक एक विशालकाय साही दिखाई दी। आबादी क्षेत्र में जंगली जीव को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए संदीप मौर्य ने तुरंत इसकी सूचना अपने सहयोगी विपिन मौर्य को दी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ वन विभाग
विपिन मौर्य एवं अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही व पर्यावरण प्रहरी अभिनीत मौर्य ने बिना विलंब किए कछौना वन क्षेत्राधिकारी विनय सिंह जादौन को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान चलाया।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | ग्राम सभा उसरहा, हरदोई |
| वन्य जीव | साही (सेही) |
| सूचना देने वाले | संदीप मौर्य, विपिन मौर्य |
| रेस्क्यू टीम | वन विभाग, कछौना |
सुरक्षित रेस्क्यू और जंगल में छोड़ा गया
वन विभाग की टीम ने पूरी सतर्कता के साथ साही को सुरक्षित पकड़ लिया और रेस्क्यू के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। इस दौरान किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई, जिससे वन्य जीव की जान सुरक्षित रह सकी।
- ग्रामीणों की सतर्कता से समय पर सूचना
- वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
- बिना नुकसान पहुंचाए सफल रेस्क्यू
- जंगल में सुरक्षित पुनर्वास
वन विभाग ने की जागरूकता की अपील
वन क्षेत्राधिकारी विनय सिंह जादौन ने बताया कि साही एक संरक्षित वन्य जीव है और इसकी संख्या में लगातार कमी चिंता का विषय है। उन्होंने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि समय पर सूचना मिलने से ही इस जीव की जान बचाई जा सकी। साथ ही उन्होंने अपील की कि यदि कोई वन्य जीव आबादी क्षेत्र में दिखाई दे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
निष्कर्ष
ग्राम उसरहा में हुआ यह सफल रेस्क्यू अभियान यह साबित करता है कि आम नागरिकों की सजगता और प्रशासन की तत्परता से वन्य जीवों का संरक्षण संभव है। यह घटना पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता की रक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
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