हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
सवायजपुर के सदुल्लीपुर के पास हाईवे पर चल रहे शांति शिक्षा कार्यक्रम का रविवार को भव्य समापन हुआ। विश्व शांति दूत एवं कार्यक्रम के संस्थापक लेखक डॉ. प्रेम रावत के संदेश ने हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन पर लगभग 5 हजार लोगों का जन सैलाब उमड़ा, जो कुंभ मेले का एहसास करा रहा था। कार्यक्रम 27 दिसंबर से 4 जनवरी तक चला, जिसमें डॉ. प्रेम रावत के वीडियो संदेश डे-नाइट एलईडी स्क्रीन पर दिखाए गए।
डॉ. प्रेम रावत ने कहा, “मनुष्य बाहर शांति खोजता है, लेकिन वह हृदय में मौजूद है। घट-घट मोरा साइयां, सूनी सेज न कोई… जब मन का शोर शांत होता है, तब हृदय की आवाज सुनाई देती है—’मैं हूं, मैं हूं’ की पुकार। चुनौतियों की गंदगी में भी कमल सुंदर रहता है, जीवन के आनंद को मत छोड़ो।”
समापन पर लखनऊ से पहुंचे विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू का तिलक, पुष्प वर्षा और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया गया। स्वामी दयाल ब्रजराज और आरेंद्र कुशवाहा ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। डॉ. प्रेम रावत की गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड पुस्तक ‘स्वांस’ भेंट की गई।
विधायक रानू ने कहा कि 2009 में मोना में डॉ. प्रेम रावत को लाइव सुना था। ऐसे कार्यक्रम शांति के नए आयाम स्थापित करते हैं। उन्होंने मुक्त कंठ से प्रशंसा की और हर संभव सहयोग का वादा किया। विहार से आए भजन गायक अरविंद और आनंद की टीम को शाल और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।
कार्यक्रम न्यू वेंचर www.premrawat.com टीम द्वारा आयोजित था। आयोजकों ने सहयोगियों को धन्यवाद दिया। प्रमुख सहयोगी: मनोज गुप्ता, शिव स्वरूप सिंह, दीप कुमार सोनी, सचिन स्वर्णकार आदि।
यह कार्यक्रम सवायजपुर क्षेत्र के गांवों में शांति और आत्मचिंतन का संदेश फैला रहा है।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: हरदोई: पूर्व ग्राम प्रधान श्यामा सिंह ने जन्मदिन पर बांटे कंबल, समाज सेवा का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया




