हरदोई में स्कूल मर्जर, बाढ़ प्रबंधन और खाद संकट पर प्रशासन ने रखी स्पष्ट नीति, ड्रोन पंजीकरण को बताया अनिवार्य

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक (वेब वार्ता)। हरदोई जिला मुख्यालय के विवेकानंद सभागार में सोमवार को आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने समसामयिक ज्वलंत मुद्दों पर प्रशासन की स्थिति स्पष्ट की। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी सान्या छाबड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

स्कूल मर्जर पर अफवाहों से सतर्क रहें

डीएम अनुनय झा ने प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन (मर्जर) पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए बताया कि यह प्रक्रिया विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) की सहमति से ही लागू की जा रही है। अब तक 93 विद्यालयों में अभिभावकों की सहमति प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ प्रबंधन में पूरी सतर्कता

बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए डीएम ने कहा कि जनपद की कोई भी नदी चेतावनी बिंदु पर नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां कर ली हैं, जिसमें राहत कैंप, नावों की उपलब्धता और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तत्परता शामिल है।

खाद की कोई कमी नहीं

खाद की आपूर्ति पर बात करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी सहकारी और निजी वितरण केंद्रों पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हैं। खाद वितरण की व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन निगरानी में है और किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई होगी।

‘हर घर तिरंगा’ को जन-जन का पर्व बनाएं

‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन आंदोलन बनाते हुए डीएम ने कहा कि 13 से 15 अगस्त तक हर नागरिक अपने घर पर तिरंगा फहराए। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि इस अभियान को गरिमा और उत्साह के साथ मनाएं।

ड्रोन पंजीकरण अनिवार्य — एसपी

पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने प्रेस को बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से हर निजी ड्रोन का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण के ड्रोन उड़ाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को चेताया कि साइबर सेल ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रख रही है।

जन सेवा कैंपों से लाभ

डीएम ने प्रशासनिक शिविरों की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अब तक 13,000 से अधिक आधार कार्ड और 5,000 से अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं। यह शिविर आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर आयोजित किए गए हैं।

प्रशासन की यह प्रेस वार्ता न केवल वर्तमान मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने में सहायक रही, बल्कि जनसहभागिता और पारदर्शिता को भी नया आयाम देने वाली रही। अब देखना है कि इन घोषणाओं पर अमल किस गति से होता है।

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