Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting: कृषि विज्ञान केंद्र में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

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हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, हरदोई प्रथम में बुधवार को वैज्ञानिक सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. बी. के. त्रिपाठी, निदेशक प्रसार, चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर ने की। बैठक में कृषि, पशुपालन, उद्यान, गन्ना और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषक प्रतिनिधि और महिला कृषक शामिल हुए। इस दौरान किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार और वर्ष 2026 की कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और किसानों द्वारा दिए गए सुझावों को कृषि विज्ञान केंद्र की आगामी योजनाओं में शामिल करने पर सहमति बनी। Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting का उद्देश्य किसानों की जरूरतों के अनुरूप कृषि विकास कार्यक्रम तैयार करना और आधुनिक तकनीकों को खेत तक पहुंचाना रहा।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • कार्यक्रम: Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting
  • स्थान: कृषि विज्ञान केंद्र, हरदोई प्रथम
  • अध्यक्षता: डॉ. बी. के. त्रिपाठी
  • मुख्य मुद्दा: कृषि विकास और किसानों की आय बढ़ाने की रणनीति
  • फोकस: सहफसली खेती, जैविक खेती और पशुपालन

कृषि के साथ पशुपालन अपनाने की सलाह

Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. ए. के. सिंह ने किसानों को कृषि के साथ पशुपालन को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए बकरी पालन जैसे व्यवसाय को बढ़ावा देना बेहद उपयोगी हो सकता है।

उन्होंने बताया कि बकरी पालन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला व्यवसाय है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाता है।

सहफसली खेती पर दिया गया जोरजिला गन्ना अधिकारी ने बैठक में गन्ने के साथ सहफसली खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने नई गन्ना प्रजातियों के प्रदर्शन और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर जोर दिया, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि हो सके।

नैनो उर्वरक और जैविक खेती को बढ़ावा

Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting के दौरान इफको के प्रतिनिधि आकाश चोबे ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने बताया कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।

उन्होंने किसानों को जैविक खेती अपनाने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह भी दी।

कृषि विकास के लिए दिए गए सुझाव

  • सहफसली और जैविक खेती को बढ़ावा
  • जायद सीजन में मूंगफली, मक्का और दलहन का प्रदर्शन
  • ऊसर भूमि सुधार और पराली प्रबंधन
  • हाईटेक नर्सरी और एफपीओ प्रशिक्षण

नई फसलों और तकनीकों पर जोर

Hardoi KVK Scientific Advisory Meeting के मुख्य अतिथि डॉ. बी. के. त्रिपाठी ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक किसान इनसे लाभ उठा सकें।

उन्होंने जायद सीजन में ढैंचा और सनई की खेती को बढ़ावा देने, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा गर्मी के मौसम में बागानों में हल्दी की त्रिस्तरीय खेती को अपनाने की सलाह दी।

केंद्र की गतिविधियों की दी गई जानकारी

बैठक की शुरुआत में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. ए. के. तिवारी ने मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर किया। उन्होंने केंद्र द्वारा पिछले वर्ष किए गए कार्यों और वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ए.एच. वारसी, डॉ. प्रिया वशिष्ठ और डॉ. डी.बी. सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

अब आगे क्या होगा?बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर कृषि विज्ञान केंद्र वर्ष 2026 की कार्ययोजना तैयार करेगा। इसके तहत किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, फसल प्रदर्शन और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार को प्राथमिकता दी जाएगी।

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