हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह का समापन हरदोई में भावपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ज्ञान, संस्कार और परंपरा के संगम के रूप में प्रतिष्ठित इस संस्थान के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, पूर्व छात्र और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा, नैतिक मूल्यों और संकल्प शक्ति को सफलता की आधारशिला बताते हुए युवाओं को प्रेरित किया।
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह में आत्मीय संवाद
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह में मंच पर आगमन के बाद उप मुख्यमंत्री ने औपचारिक भाषण की परंपरा से अलग हटकर स्थानीय बोली में संवाद प्रारंभ किया। उनके इस आत्मीय अंदाज से सभागार में उत्साह और अपनत्व का वातावरण बन गया। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि समय के साथ व्यवस्थाएं और संसाधन भले बदल गए हों, लेकिन हरदोई की पहचान और संस्कार आज भी उसी गरिमा के साथ विद्यमान हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज निर्माण की प्रक्रिया है। युवाओं को चाहिए कि वे शिक्षा को साधना मानें और अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
संस्थापक मोहनलाल वर्मा को श्रद्धांजलि
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह के अवसर पर संस्थान के संस्थापक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मोहनलाल वर्मा को विशेष रूप से स्मरण किया गया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के दौर में भी शिक्षा के प्रति समर्पण और संघर्ष की भावना ने इस संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि यह कॉलेज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय भावना का केंद्र रहा है।
ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रेरक संदेश
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह में उप मुख्यमंत्री ने दलेलनगर, बावन, बालामऊ और कछौना जैसे ग्रामीण अंचलों से आए विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधन सफलता में बाधा नहीं बनते, बल्कि दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
- शिक्षा को साधना मानें
- सकारात्मक सोच विकसित करें
- शिक्षकों से सतत संवाद बनाए रखें
- लक्ष्य के प्रति अडिग रहें
उन्होंने कहा कि जो विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास करते हैं, वही भविष्य में समाज का नेतृत्व करते हैं।
नैतिक मूल्यों और महापुरुषों का उल्लेख
अपने उद्बोधन में उप मुख्यमंत्री ने संत कवियों सूरदास, कबीर और रहीम के दोहों का उल्लेख करते हुए नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता तभी स्थायी होती है जब उसमें संस्कार और नैतिकता का समावेश हो।
उन्होंने अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद को स्मरण करते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह के समापन पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों और अनुशासन के लिए छात्रों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
| कार्यक्रम | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| हीरक जयंती समारोह | 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजन |
| मुख्य अतिथि | डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक |
| सम्मानित छात्र | मेधावी एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी |
कार्यक्रम में एमएलसी संतोष सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष त्र्यंबक त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा, प्राचार्य कौशलेंद्र सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
शिक्षा से ही विकसित समाज का निर्माण
सीएसएन पीजी कॉलेज हीरक जयंती समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शिक्षा, संस्कार और संकल्प के समन्वय से ही विकसित समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार और संसाधनों के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
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