हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई भांग फैक्ट्री छापा मामला होली से ठीक पहले जिले में चर्चा का विषय बन गया है। शहर के नघेटा इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक आयुर्वेदिक फैक्ट्री पर बुधवार सुबह स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अचानक छापा मारकर भांग से भरा एक ट्रक बरामद किया। प्रारंभिक जांच में स्टॉक निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाए जाने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, यहां संचालित ओम आयुर्वेदिक कंपनी को सीमित मात्रा में भांग रखने और उससे आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने की अनुमति है। लेकिन मौके पर मिली भारी मात्रा ने अधिकारियों को भी चौंका दिया। फिलहाल बरामद ट्रक को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है और दस्तावेजों की जांच जारी है।
सुबह 10 बजे शुरू हुई संयुक्त कार्रवाई
विश्वसनीय सूचना के आधार पर एसओजी टीम ने सुबह करीब 10 बजे फैक्ट्री में दबिश दी। कार्रवाई की गंभीरता को देखते हुए नगर मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, आबकारी विभाग, एक्साइज विभाग, आयुर्वेद विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
फैक्ट्री के लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री रिकार्ड और परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
होली की मांग या नियमों की अनदेखी?
होली पर्व नजदीक है और इस दौरान भांग आधारित उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बड़े पैमाने पर आपूर्ति की तैयारी में निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण किया गया हो। हालांकि यह भी जांच का विषय है कि क्या विभागीय निगरानी में ढिलाई रही या फिर यह सुनियोजित नियम उल्लंघन का मामला है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थान | नघेटा इंडस्ट्रियल एरिया, हरदोई |
| कार्रवाई करने वाली एजेंसी | एसओजी व संयुक्त प्रशासनिक टीम |
| बरामदगी | भांग से भरा एक ट्रक |
| स्थिति | दस्तावेजों की जांच जारी |
जिम्मेदारी तय करेगी जांच
अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद स्पष्ट होगा कि मामला लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन का है या कुछ और गंभीर अनियमितता का। यदि दोष सिद्ध हुआ तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना औद्योगिक क्षेत्र में संचालित लाइसेंसधारी इकाइयों की नियमित मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े करती है। यदि भंडारण सीमा से अधिक था, तो यह केवल एक फैक्ट्री का मामला नहीं बल्कि निगरानी तंत्र की जवाबदेही का विषय भी बन सकता है।
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