हरदोई, लक्ष्मीकांत पाठक | वेब वार्ता
जनपद हरदोई में विकास योजनाओं के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में मंगलवार को विवेकानंद सभागार में 15वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत प्राप्त धनराशि से प्रस्तावित कार्य योजनाओं की स्वीकृति हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या गुणवत्ता से समझौता कदापि स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विकास प्रस्तावों पर गहन समीक्षा, जनहित सर्वोपरि
बैठक में नगर पालिकाओं एवं स्थानीय निकायों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न विकासात्मक प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से प्रत्येक प्रस्ताव की उपयोगिता, जनहित, गुणवत्ता, लागत और समयबद्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग और अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत होने वाले कार्य ऐसे हों, जिनका सीधा लाभ आम जनता तक पहुंचे। केवल औपचारिक या कागजी योजनाओं को मंजूरी नहीं दी जाएगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखना चाहिए।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
जिलाधिकारी अनुनय झा ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं में:
धनराशि का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए
कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए
निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हों
समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण किए जाएं
उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
ईओ को प्रेजेंटेशन के निर्देश, जवाबदेही तय
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को निर्देशित किया कि आगामी बैठक में वे अपनी-अपनी कार्य योजनाओं का प्रेजेंटेशन तैयार कर प्रस्तुत करें। इससे योजनाओं की स्पष्ट समझ बनेगी और कार्यों की प्रगति पर बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह है और विकास कार्यों में ढिलाई जनता के अधिकारों के साथ अन्याय के समान है।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव भी होंगे शामिल
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि कार्य योजनाएं बनाते समय जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए प्रस्तावों को भी समुचित रूप से शामिल किया जाए। इससे विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के अनुरूप होंगे और आम नागरिकों को अधिकतम लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही समावेशी और संतुलित विकास संभव है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में:
नगर पालिका अध्यक्ष – हरदोई
नगर पालिका अध्यक्ष – पिहानी
नगर पालिका अध्यक्ष – गोपामऊ
सभी संबंधित अधिशासी अधिकारी (EO)
प्रभारी जिला सूचना अधिकारी
सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
15वें वित्त आयोग: स्थानीय विकास की रीढ़
15वां वित्त आयोग स्थानीय निकायों को मजबूत आधारभूत ढांचा, स्वच्छता, सड़क, जल निकासी, पेयजल और अन्य जनोपयोगी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण संसाधन उपलब्ध कराता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह धन जनता की अमानत है और इसका उपयोग पूरी ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए।
15वें वित्त आयोग के तहत प्रमुख प्राथमिकताएं
| प्राथमिक क्षेत्र | उद्देश्य |
|---|---|
| आधारभूत ढांचा | सड़क, नाली, जल निकासी |
| स्वच्छता | कूड़ा प्रबंधन, साफ-सफाई |
| नागरिक सुविधाएं | पेयजल, प्रकाश व्यवस्था |
| शहरी विकास | टिकाऊ और समावेशी विकास |
विकास में अनुशासन और जवाबदेही का संदेश
जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में हुई यह बैठक स्पष्ट संदेश देती है कि हरदोई प्रशासन विकास को लेकर पूरी तरह गंभीर है। 15वें वित्त आयोग की धनराशि से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
यह सख्ती न केवल योजनाओं की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि आम जनता को समय पर और प्रभावी विकास का लाभ भी सुनिश्चित करेगी।
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