गैसड़ी (बलरामपुर), क़मर खान | वेब वार्ता
बलरामपुर जिले के गैसड़ी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन दिवसीय आईयूसीडी (कॉपर-टी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाएं प्रदान करने के लिए दक्ष बनाना रहा।
प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को इंट्रा यूटेराइन डिवाइस लगाने, जांचने और निकालने की तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया।
आईयूसीडी के सही उपयोग पर दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में स्वास्थ्य कर्मियों को कॉपर-टी / आईयूसीडी को सही, सुरक्षित और कुशलता पूर्वक लगाने व हटाने की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष रूप से पीपीआईयूसीडी (प्रसव के 48 घंटे के भीतर) लगाने की तकनीक पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
परिवार नियोजन सेवाओं को मजबूत करने की पहल
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाओं को बढ़ावा देना और गर्भनिरोधक परामर्श को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी सिखाया गया कि वे महिलाओं और दंपतियों को सही जानकारी देकर उन्हें उचित निर्णय लेने में कैसे सहायता करें।
गलत धारणाओं को दूर करने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान समुदाय में आईयूसीडी को लेकर फैली भ्रामक धारणाओं और डर को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तथ्यों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की तकनीक सिखाई गई।
आईयूसीडी के लाभों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षुओं को बताया गया कि आईयूसीडी एक 99 प्रतिशत से अधिक प्रभावी, सुरक्षित और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक साधन है।
यह 5 से 10 वर्षों तक प्रभावी रहता है और हटाने के बाद महिला तुरंत गर्भधारण कर सकती है, जिससे यह एक सुविधाजनक अस्थायी उपाय बनता है।
संक्रमण रोकथाम प्रोटोकॉल पर विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण में प्रक्रिया के दौरान संक्रमण की रोकथाम और स्वच्छता प्रोटोकॉल के पालन पर विशेष जोर दिया गया।
इससे मरीजों को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
विशेषज्ञों के सहयोग से संपन्न हुआ प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण डॉ. सारिका साहू (जिला महिला चिकित्सालय) एवं पार्वती पोखरिया (उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई, लखनऊ) के सहयोग से संपन्न हुआ।
दोनों विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया।
प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अरविंद कुमार एवं जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ रामजी वर्मा ने सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में कदम
इस प्रशिक्षण से क्षेत्र में अनियोजित गर्भधारण रोकने और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता मिलेगी।
इससे परिवार नियोजन कार्यक्रमों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
गैसड़ी सीएचसी में आयोजित यह तीन दिवसीय आईयूसीडी प्रशिक्षण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी अब क्षेत्र की महिलाओं को बेहतर, सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
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