फतेहपुर, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता
फतेहपुर जिले के हथगाम ब्लॉक में 1 सितंबर 2025 से शुरू हुए AI आधारित स्मार्ट वैक्सीनेशन सिस्टम ने महज तीन महीनों में बच्चों के टीकाकरण की तस्वीर बदल दी है। कौन – जिलाधिकारी रविंद्र सिंह द्वारा विकसित डिजिटल सिस्टम, क्या – AI आधारित ‘स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम’, कब – सितंबर 2025 से पायलट प्रोजेक्ट, कहां – आकांक्षी ब्लॉक हथगाम, क्यों – समयबद्ध और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए, तथा कैसे – व्हाट्सएप और टेक्स्ट मैसेज के जरिए स्वचालित रिमाइंडर भेजकर। इस पहल के परिणामस्वरूप टीकाकरण दर 95 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच चुकी है।
मोबाइल पर एक मैसेज… और बच्चे की सेहत सुरक्षित। अब अभिभावकों को टीकाकरण की तारीख याद रखने की जरूरत नहीं, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस खुद समय पर सूचना दे रहा है।
AI से बदला टीकाकरण का सिस्टम
यह प्रणाली हथगाम के महत्वाकांक्षी ब्लॉक में एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई थी। जिलाधिकारी रविंद्र सिंह द्वारा स्वयं विकसित किए गए इस AI आधारित एप्लिकेशन ने कुछ ही महीनों में उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | Smart Vaccination Tracking System |
| शुरुआत | 1 सितंबर 2025 |
| स्थान | हथगाम ब्लॉक, फतेहपुर |
| टीकाकरण दर | 95% से अधिक |
कैसे काम करता है स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम?
- टीकाकरण तिथि से तीन दिन पहले व्हाट्सएप और SMS अलर्ट
- ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस की जानकारी
- स्वचालित रिमाइंडर मैसेज
- जन्म के 30 दिन बाद देखभाल संबंधी विस्तृत संदेश
- एक मिनट का जागरूकता वीडियो
यह प्रणाली निर्धारित टीकाकरण तिथियों से पहले माताओं को स्वचालित अनुस्मारक संदेश भेजती है, जिससे फॉलो-अप जांच छूटने या जागरूकता की कमी जैसी समस्याओं को कम किया जा सके।
डिजिटल यूपी विजन के अनुरूप पहल
जिलाधिकारी रविंद्र सिंह के अनुसार यह AI आधारित एप्लिकेशन मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सेवाओं में प्रौद्योगिकी के एकीकरण के विजन के अनुरूप विकसित किया गया है। यह उत्तर प्रदेश में AI से टीकाकरण लागू करने वाला पहला जिला मॉडल माना जा रहा है।
इस पूरी व्यवस्था की निगरानी एनआईसी के माध्यम से की जा रही है, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।
स्वास्थ्य कर्मियों को मिला बड़ा सहारा
एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के अनुसार इस डिजिटल सिस्टम ने उनके कार्य को काफी आसान बना दिया है। अब उन्हें मैन्युअल रिकॉर्ड रखने की जरूरत कम पड़ती है और छूटे हुए बच्चों की पहचान तुरंत हो जाती है।
यह मॉडल न केवल समयबद्ध टीकाकरण सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि जागरूकता बढ़ाने में भी प्रभावी साबित हो रहा है।
पूरे जिले में विस्तार की तैयारी
हथगाम में मिली सफलता के बाद अब इस AI आधारित स्मार्ट वैक्सीनेशन सिस्टम को पूरे फतेहपुर जिले में लागू करने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल व्यापक स्तर पर लागू होता है, तो शत-प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य हासिल करना आसान हो सकता है।
निष्कर्ष
फतेहपुर के हथगाम ब्लॉक में AI आधारित स्मार्ट टीकाकरण प्रणाली केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि जमीनी बदलाव का उदाहरण बनकर उभरी है। 95% से अधिक वैक्सीनेशन दर यह दर्शाती है कि डिजिटल सोच और प्रशासनिक इच्छाशक्ति मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा परिवर्तन ला सकती है।
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