Wednesday, January 14, 2026
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एटा-बरहन रेलवे लाइन पर फ्लाईओवर निर्माण: रेलवे की लापरवाही से परीक्षार्थी प्रभावित, हजारों बच्चों का भविष्य अधर में – हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

एटा, सुनील यादव | वेब वार्ता

एटा जिले में एटा-बरहन रेलवे लाइन के गेट नंबर 22 पर चल रहे फ्लाईओवर निर्माण ने स्थानीय लोगों के लिए गंभीर संकट पैदा कर दिया है। सड़क को पूरी तरह बंद कर दिए जाने के कारण वैकल्पिक मार्ग नदारद है, जिससे स्कूली छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में भारी मुश्किल हो रही है। फरवरी-मार्च 2026 में चल रही बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यह समस्या और गंभीर हो गई है। हजारों परीक्षार्थी समय पर केंद्र नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

निर्माण के नाम पर सड़क बंद, वैकल्पिक रास्ता भी बंद

स्थानीय निवासी और पत्रकार तुर्रम सिंह राजपूत ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर निर्माण के लिए सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पहले से मौजूद वैकल्पिक रास्ता—गांव कोसम मार्ग—भी ग्रामीणों द्वारा बंद कर दिया गया है। नतीजतन, बच्चों और अभिभावकों को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे परीक्षा में देरी और कुछ मामलों में अनुपस्थिति जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो रही हैं।

रेलवे सेवा पर शिकायत, जवाब महज औपचारिक

तुर्रम सिंह राजपूत ने रेलवे सेवा के आधिकारिक एक्स अकाउंट @RailwaySeva पर शिकायत दर्ज की, लेकिन जवाब महज औपचारिक रहा—“संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है।” जमीनी हकीकत यह है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। समस्या जस की तस बनी हुई है।

हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

इस उदासीनता से आक्रोशित होकर तुर्रम सिंह राजपूत ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई तो वे जनहित याचिका दायर कर रेलवे विभाग, निर्माण कंपनी और ठेकेदार को हाईकोर्ट में घसीटेंगे। उनकी मांग है कि मार्च 2026 तक निर्माण कार्य पर रोक लगे और छात्रों को हुए नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी संबंधित विभागों पर तय की जाए। उन्होंने कहा कि सभी को मुकदमे में पार्टी बनाया जाएगा।

प्रमुख बिंदु एक नजर में

विवरणजानकारी
स्थानएटा-बरहन रेलवे लाइन, गेट नंबर 22
समस्याफ्लाईओवर निर्माण के नाम पर सड़क पूरी तरह बंद
वैकल्पिक मार्गगांव कोसम मार्ग भी बंद, कोई व्यवस्था नहीं
प्रभावहजारों परीक्षार्थी समय पर केंद्र नहीं पहुंच पा रहे
शिकायतरेलवे सेवा @RailwaySeva पर दर्ज, जवाब औपचारिक
चेतावनीतुर्रम सिंह राजपूत ने हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी
शिक्षा और बच्चों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न

यह मामला केवल एटा तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक संवेदनहीनता का आईना है। एक ओर सरकार शिक्षा और बच्चों के भविष्य की बात करती है, दूसरी ओर रेलवे की लापरवाही से उन्हीं बच्चों की परीक्षाएं और सपने संकट में पड़ गए हैं। तुर्रम सिंह राजपूत जैसे जागरूक नागरिकों की आवाज से उम्मीद है कि जल्द ही वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था होगी और परीक्षार्थियों को राहत मिलेगी। अन्यथा हाईकोर्ट में जनहित याचिका से मामला और उलझ सकता है।

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