देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के तहत देवरिया जिले में महिलाओं को आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
परियोजना निदेशक अनिल कुमार ने सोमवार को बताया कि जिले में ग्राम संतृप्तिकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इसके तहत 17,670 नए स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित कर 2,29,970 महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पूर्व में गठित समूहों में 83,175 नए सदस्यों को शामिल किया जाएगा।
1,121 ग्राम पंचायतों में चलेगा अभियान
यह अभियान जिले के सभी विकास खंडों की 1,121 ग्राम पंचायतों में चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत पात्र एवं वंचित परिवारों की महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
इन महिलाओं को मिलेगी प्राथमिकता
- अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाएं
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी महिलाएं
- मनरेगा जॉब कार्ड धारक परिवारों की महिलाएं
- जीरो पॉवर्टी सूची में शामिल परिवारों की महिलाएं
जन-जागरूकता रैली से हुआ शुभारंभ
अभियान का शुभारंभ ग्राम पंचायत तवकलपुर, विकास खंड तरकुलवा में किया गया। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह के निर्देशन में परियोजना निदेशक एवं जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के अधिकारी अनिल कुमार ने जन-जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
परियोजना निदेशक ने बताया कि जो महिलाएं अब तक स्वयं सहायता समूहों से नहीं जुड़ पाई हैं, उन्हें इस अभियान के माध्यम से जोड़ा जाएगा। यह अभियान मार्च 2026 तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में संचालित किया जाएगा।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को न केवल आजीविका के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी।
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