देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के विरोध में देवरिया जिले में समान न्याय संघर्ष समिति के तत्वावधान में चलाया जा रहा मांगपत्र अभियान सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने-अपने मांगपत्र भरकर यूजीसी के प्रस्तावित नियमों के प्रति असहमति दर्ज कराई।
दीवानी कचहरी परिसर में उमड़ी भीड़
अभियान के आठवें दिन दीवानी कचहरी परिसर में मांगपत्र भरने के लिए लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति देखने को मिली। समिति के अनुसार, सोमवार को करीब 1600 लोगों ने महामहिम राष्ट्रपति तक अपनी बात पहुंचाने के उद्देश्य से मांगपत्र भरा। इसमें अधिवक्ताओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
मांगपत्र अभियान की स्थिति
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अभियान का दिन | आठवां दिन |
| स्थान | दीवानी कचहरी परिसर, देवरिया |
| मांगपत्र भरने वालों की संख्या | लगभग 1600 |
| प्रमुख भागीदारी | अधिवक्ता व आम नागरिक |
महापंचायत के माध्यम से भेजा जाएगा मांगपत्र
समान न्याय संघर्ष समिति ने बताया कि एकत्रित किए गए सभी मांगपत्र आगामी 16 फरवरी को देवरिया स्थित चंडिका छात्रावास मैदान में प्रस्तावित महापंचायत के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को प्रेषित किए जाएंगे।
यूजीसी नियम 2026 पर गंभीर आपत्ति
समिति के सदस्यों ने यूजीसी के नए नियम 2026 को समाज को विभाजित करने वाला करार दिया। उन्होंने आम नागरिकों से इस मुद्दे पर संवाद स्थापित करते हुए अभियान से जुड़ने और मांगपत्र भरने की अपील की।
- यूजीसी नियम 2026 को वापस लेने की मांग
- शिक्षा व्यवस्था में समानता सुनिश्चित करने की अपील
- लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने पर जोर
निष्कर्ष
देवरिया में चल रहा यह मांगपत्र अभियान यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ बढ़ते जनविरोध को दर्शाता है। लगातार आठ दिनों से जारी इस अभियान ने प्रशासन और नीति निर्धारकों का ध्यान शिक्षा से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे की ओर खींचा है। आने वाली महापंचायत को लेकर आंदोलन से जुड़े लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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