देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के उड़वलिया गांव में शुक्रवार को एक 16 वर्षीय किशोरी ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। किशोरी का शव कमरे में दुपट्टे के सहारे छत की कुंडी से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है।
घटना का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान शब्बो पुत्री अकरम के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि किशोरी का गांव के ही एक युवक से प्रेम संबंध था। करीब 15 दिन पूर्व वह युवक के साथ मुंबई चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस घर ले आए थे। इसके बाद से वह घर पर ही रह रही थी।
परिजनों के अनुसार, प्रेमी के पिता पृथ्वी निषाद ने बातचीत के लिए किशोरी को एक मोबाइल फोन दिया था। शुक्रवार शाम उसकी मां नाजमा फोन छीनने का प्रयास कर रही थीं। इसी बात को लेकर घर में विवाद हुआ, जिसके बाद किशोरी कमरे में चली गई और आत्मघाती कदम उठा लिया।
- घटना स्थल: उड़वलिया गांव, मिश्रौलिया थाना क्षेत्र
- मृतका की आयु: लगभग 16 वर्ष
- संभावित कारण: प्रेम-प्रसंग और पारिवारिक तनाव
- माध्यम: दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या
पुलिस की प्रारंभिक जांच और बयान
मिश्रौलिया थाना प्रभारी राजेश तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे प्राप्त हुई थी, हालांकि परिजनों के अनुसार मामला तड़के करीब 3 बजे का है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
किशोरी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शब्बो हाल के दिनों में मानसिक रूप से परेशान रहती थी। प्रेम-प्रसंग और सामाजिक दबाव के चलते वह तनाव में थी।
गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
किशोर मानसिक स्वास्थ्य पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोर अवस्था में भावनात्मक अस्थिरता अधिक होती है और ऐसे समय में परिवार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों से संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें, ताकि इस प्रकार की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
देवरिया के उड़वलिया गांव में किशोरी की आत्महत्या की यह घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। प्रारंभिक रूप से मामला प्रेम-प्रसंग और घरेलू विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
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