Wednesday, February 25, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

देवरिया शिक्षक आत्महत्या मामला: बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की लापरवाही उजागर, निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी

देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता

देवरिया शिक्षक आत्महत्या जांच मामला के तहत 24 फरवरी 2026 को जिला प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कौन – बीएसए शालिनी श्रीवास्तव व जिला जांच समिति, क्या – लापरवाही उजागर, कब – 24 फरवरी 2026, कहां – देवरिया, क्यों – हाईकोर्ट आदेश के अनुपालन में देरी, कैसे – 11 घंटे चली जांच और पूछताछ के जरिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बीएसए के निलंबन व विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।

हाईकोर्ट आदेश पर एक साल तक नहीं हुई कार्रवाई

जांच समिति ने पाया कि 13 फरवरी 2025 को हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के बावजूद करीब एक वर्ष तक बीएसए कार्यालय की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

समिति के अनुसार, यह लापरवाही न केवल न्यायिक आदेश की अवहेलना है, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

11 घंटे चली पूछताछ में बीएसए हुईं असहज

सोमवार को सुबह 10:20 बजे शुरू हुई पूछताछ रात करीब 9 बजे तक चली। अधिकारियों ने हाईकोर्ट आदेश की अवहेलना, कार्यालय संस्कृति और कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल किए।

कई अहम बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर अधिकारियों ने काउंटर सवाल दागे, जिससे बीएसए निरुत्तर नजर आईं।

पटल परिवर्तन के बहाने पर डीएम की नाराजगी

डीएम दिव्या मित्तल ने जब यह पूछा कि हाईकोर्ट आदेश के अनुपालन में देरी क्यों हुई, तो बीएसए ने पटल परिवर्तन को कारण बताया।

इस पर डीएम ने स्पष्ट कहा कि पटल परिवर्तन निर्णय न लेने का आधार नहीं हो सकता और यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।

सुसाइड नोट और वीडियो से बढ़ी जांच की गंभीरता

गौरीबाजार के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में तैनात रहे शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर स्थित आवास में आत्महत्या की थी।

मृतक के पास से मिले चार पेज के सुसाइड नोट और वीडियो संदेश में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और लिपिकों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

इन लोगों पर पहले ही दर्ज हो चुका है मुकदमा

गोरखपुर पुलिस ने इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिसमें शामिल हैं—

  • शालिनी श्रीवास्तव – बीएसए, देवरिया
  • संजीव सिंह – लिपिक
  • अन्य संबंधित कर्मचारी

मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है।

सीसीटीवी कैमरे की वॉइस रिकॉर्डिंग नहीं मिली

जांच में यह भी सामने आया कि बीएसए के कक्ष में लगा सीसीटीवी कैमरा वॉइस रिकॉर्डिंग सुविधा से रहित था, जबकि कार्यालय के अन्य 16 कैमरों में यह सुविधा मौजूद थी।

20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह की बीएसए से इसी कक्ष में मुलाकात हुई थी, लेकिन वॉइस रिकॉर्डिंग न होने से बातचीत का रिकॉर्ड नहीं मिल सका।

जांच समिति की प्रमुख टिप्पणियां

बिंदुनिष्कर्षप्रभाव
हाईकोर्ट आदेशअनुपालन में देरीप्रशासनिक लापरवाही
कार्यालय संस्कृतिअसंतोषजनकविश्वसनीयता प्रभावित
सीसीटीवी सिस्टमअधूरासबूत कमजोर
फाइल निस्तारणलंबितकार्य में शिथिलता

शिक्षक संगठनों और सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन

जांच के दौरान बीएसए कार्यालय के बाहर और शहर के प्रमुख चौराहों पर शिक्षक संगठनों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

निलंबन की संस्तुति से बढ़ा प्रशासनिक दबाव

डीएम द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बीएसए के निलंबन और विभागीय जांच की सिफारिश की गई है।

अब शासन स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

👉 शिक्षा, प्रशासन और जिले की हर बड़ी खबर पाने के लिए हमारे व्हाट्सऐप चैनल को फॉलो करें – Web Varta

ये भी पढ़ें: देवरिया में 24 फरवरी को सजेगा ‘रोजगार महोत्सव’ का मंच, 15 से अधिक कंपनियां देंगी रोजगार

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img