देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया सरसों तेल मिलावट मामला के तहत 24 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बाजारों में बिक रहा सरसों का तेल गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। कौन – मिलावटखोर कारोबारी, क्या – सरसों तेल में मिलावट, कब – फरवरी 2026, कहां – देवरिया बाजार, क्यों – अधिक मुनाफा कमाने के लिए, कैसे – पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल व केमिकल मिलाकर। इस Deoria Mustard Oil Adulteration प्रकरण से आम उपभोक्ताओं की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है।
कीमतों का गणित: सस्ता तेल कैसे बिक रहा महंगा
बाजार में सरसों का तेल ₹160 से ₹180 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि मंडी में सरसों के दाम ₹6700 से ₹7200 प्रति क्विंटल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार तीन किलो सरसों की पेराई से एक लीटर तेल निकलता है, जिससे शुद्ध तेल की लागत लगभग ₹230 प्रति लीटर आती है।
त्योहारों में बढ़ती मांग से फलता-फूलता मिलावट नेटवर्क
जानकारों के मुताबिक जिले में प्रतिदिन करीब 25 हजार लीटर सरसों तेल की खपत होती है।
होली जैसे त्योहारों में यह मांग बढ़कर 40 से 45 हजार लीटर प्रतिदिन तक पहुंच जाती है, जिसका फायदा मिलावटखोर उठाते हैं।
छापेमारी में बड़ी बरामदगी, जांच जारी
बीते रविवार को बैतालपुर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक तेल मिल पर छापा मारकर करीब 1300 लीटर तेल जब्त किया था।
प्रारंभिक जांच में इसमें सस्ता Soybean Oil मिलाए जाने की आशंका जताई गई है।
नेपाल से सस्ता पाम ऑयल, फिर केमिकल से ‘शुद्ध’ तेल
बाजार सूत्रों के अनुसार नेपाल से सस्ते दामों पर Palm Oil मंगाया जाता है।
इसमें रंग और गंध देने वाले केमिकल व कृत्रिम फ्लेवर मिलाकर उसे सरसों के तेल जैसा बना दिया जाता है।
मिलावट से मुनाफे का पूरा मॉडल
| चरण | प्रक्रिया | लागत / मूल्य |
|---|---|---|
| कच्चा माल | पाम/सोयाबीन ऑयल आयात | ₹90–110 / लीटर |
| प्रोसेसिंग | केमिकल व फ्लेवर मिलाना | ₹10–15 / लीटर |
| थोक बिक्री | दुकानदारों को सप्लाई | ₹120–140 / लीटर |
| खुदरा बिक्री | ग्राहकों को बिक्री | ₹160–170 / लीटर |
खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए बनी चुनौती
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त तेल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा, विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी तेल के लंबे समय तक सेवन से हृदय रोग, लिवर डैमेज और पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
उपभोक्ताओं को ब्रांडेड और प्रमाणित तेल ही खरीदने की सलाह दी गई है।
उपभोक्ताओं के लिए सावधानी के उपाय
- हमेशा FSSAI प्रमाणित ब्रांड ही खरीदें
- बहुत सस्ता तेल खरीदने से बचें
- खुले तेल की बजाय पैक्ड तेल लें
- रंग और गंध पर ध्यान दें
- संदेह होने पर विभाग में शिकायत करें
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