Wednesday, January 14, 2026
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अभिलेखों में फर्जी हेराफेरी कर मजार-कब्रिस्तान का नाम दर्ज करने वाले 6 लोगों पर मुकदमा

देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता

-देवरिया सदर तहसील में कूट रचना का खुलासा, 19 नवंबर को निरस्त किया गया गलत इंद्राज

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक चर्चित अवैध मजार निर्माण मामले में अब नया मोड़ आ गया है। सदर तहसील के क्षेत्रीय लेखपाल विनय कुमार सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अभिलेखों में फर्जी हेराफेरी कर मजार, कब्रिस्तान और वक्फ का नाम दर्ज करने वाले छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच में पाया गया कि आराजी संख्या 1647/2 मी (कसया बाईपास के बगल में स्थित) भूमि को वर्ष 1993 में कूट रचना कर वक्फ, मजार और कब्रिस्तान के नाम से दर्ज किया गया था।

फर्जी इंद्राज कैसे हुआ?

क्षेत्रीय लेखपाल विनय कुमार सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि यह जमीन राजस्व अभिलेखों में नान जेड और बंजर के रूप में दर्ज है। वर्ष 1993 में तत्कालीन नायब सदर इरसाद अहमद, नाजिम मुबारक अली, नायब नाजिम अख्तर वारसी, रजिस्ट्रार कानून राधेश्याम उपाध्याय, क्षेत्रीय लेखपाल रामानुज सिंह और शहाबुद्दीन सजग की मिलीभगत से कूट रचना कर इस भूमि को वक्फ, मजार और कब्रिस्तान के नाम से दर्ज कर दिया गया।

जांच के बाद इस फर्जी इंद्राज को 19 नवंबर 2025 को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। इसके बाद लेखपाल ने कोतवाली पुलिस में तहरीर दर्ज कराई, जिसके आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि लेखपाल विनय कुमार सिंह की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ जालसाजी, कूट रचना और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख आरोपियों के नाम

  • शहाबुद्दीन सजग
  • नायब सदर इरसाद अहमद
  • नाजिम मुबारक अली
  • नायब नाजिम अख्तर वारसी
  • रजिस्ट्रार कानून राधेश्याम उपाध्याय
  • क्षेत्रीय लेखपाल रामानुज सिंह

घटना का संक्षिप्त विवरण एक नजर में

विवरणजानकारी
भूमि विवरणआराजी संख्या 1647/2 मी, कसया बाईपास के बगल में
मूल दर्ज स्थितिनान जेड व बंजर
फर्जी दर्ज नामवक्फ, मजार, कब्रिस्तान
कूट रचना का वर्ष1993
निरस्तीकरण की तिथि19 नवंबर 2025
मुकदमा दर्जकोतवाली देवरिया, लेखपाल विनय कुमार सिंह की तहरीर पर
आरोपितों की संख्या6
सरकारी भूमि पर फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कार्रवाई

यह मामला सरकारी भूमि पर फर्जी दस्तावेजों से कब्जा करने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है। देवरिया प्रशासन की त्वरित जांच और निरस्तीकरण के बाद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करना एक सकारात्मक कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से भूमाफियाओं पर लगाम लगेगी और सरकारी भूमि को उसके मूल उद्देश्य के लिए सुरक्षित रखा जा सकेगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह के फर्जी दस्तावेजों या कब्जे की जानकारी हो तो तुरंत सूचित करें।

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