देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में नामजद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव ने गोरखपुर पुलिस और शासन स्तर पर चल रही कार्रवाई से राहत पाने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है। मंगलवार को उन्होंने याचिका दाखिल की, हालांकि अब तक सुनवाई की तिथि निर्धारित नहीं हुई है। इस बीच प्रकरण में दर्ज एफआईआर, सुसाइड नोट के आरोप, डीएम की संस्तुति रिपोर्ट और पुलिस की तकनीकी जांच को लेकर पूरे जिले में चर्चा तेज है।
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण: क्या है पूरा मामला
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण की शुरुआत 20 फरवरी की रात हुई, जब कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में तैनात सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने गोरखपुर स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद उनकी पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना की तिथि | 20 फरवरी 2026 (रात) |
| मृतक | कृष्ण मोहन सिंह, सहायक अध्यापक |
| आरोपी | बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह व अन्य |
| धारा | आत्महत्या के लिए उकसाने व धमकी देने का आरोप |
एफआईआर में बीएसए और संबंधित बाबू पर उत्पीड़न और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में मिले सुसाइड नोट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। नोट में बीएसए और संबंधित बाबू पर 16 लाख रुपये लेने तथा लगातार उत्पीड़न करने के आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की सत्यता की जांच पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जारी है।
- 16 लाख रुपये लेने का आरोप
- प्रशासनिक उत्पीड़न का उल्लेख
- मानसिक दबाव की बात
हालांकि आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और न्यायालयीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच समिति और निलंबन की संस्तुति
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में जिलाधिकारी द्वारा शासन को निलंबन की संस्तुति रिपोर्ट भेजी गई है। दो दिन पूर्व यह रिपोर्ट शासन स्तर पर अग्रेषित की गई। इससे पहले डीएम और शासन द्वारा गठित समिति की जांच में यह पुष्टि हुई कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद एक वर्ष तक निर्णय नहीं लिया गया।
इस तथ्य ने प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस की तकनीकी जांच जारी
प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस ने बीएसए का सीयूजी नंबर और निजी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। कॉल डिटेल, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
- सीयूजी मोबाइल जब्त
- निजी फोन फॉरेंसिक जांच में
- डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण
हाई कोर्ट में याचिका, सभी की निगाहें सुनवाई पर
शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने अपने बचाव में इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में शासन, एसएसपी गोरखपुर, थानाध्यक्ष गुलरिहा और वादिनी गुड़िया सिंह को पक्षकार बनाया गया है।
अब पूरे प्रकरण में अगली महत्वपूर्ण कड़ी हाई कोर्ट की प्रस्तावित सुनवाई होगी। प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के समानांतर न्यायालय का निर्णय इस मामले की दिशा तय करेगा।
जिले में यह मामला शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक जवाबदेही और शिक्षक सुरक्षा के संदर्भ में गंभीर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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