देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया खतौनी संशोधन भ्रष्टाचार मामला में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 25 फरवरी 2026 को जिला प्रशासन ने खतौनी में अंश सुधार और नाम संशोधन के कार्य में लापरवाही तथा अनधिकृत धन मांगने के आरोप में एक लेखपाल को निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी के जनता दर्शन में की गई शिकायत के बाद कराई गई जांच में आरोपी लेखपाल प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जनता दर्शन में शिकायत के बाद सामने आया मामला
देवरिया खतौनी संशोधन भ्रष्टाचार मामला ग्राम चांदपलिया, पोस्ट इटहुआ निवासी अंगद यादव की शिकायत के बाद प्रकाश में आया। उन्होंने जनता दर्शन में बताया कि 30 जनवरी 2026 को आवेदन देने के बावजूद खतौनी में अंश सुधार और नाम संशोधन की प्रक्रिया लंबित रखी गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित लेखपाल द्वारा कार्यवाही के बदले अवैध धन की मांग की जा रही थी।
प्रारंभिक जांच में लेखपाल दोषी पाया गया
शिकायत के आधार पर प्रशासन द्वारा प्रकरण की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें क्षेत्रीय लेखपाल राजीव यादव को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। जांच में धन उगाही से जुड़े तथ्य भी सामने आए।
जांच रिपोर्ट के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया पूरी की।
एसडीएम सलेमपुर ने जारी किया निलंबन आदेश
देवरिया खतौनी संशोधन भ्रष्टाचार मामला में उप जिलाधिकारी सलेमपुर दिशा श्रीवास्तव ने आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
साथ ही मामले की विस्तृत जांच के लिए नायब तहसीलदार भटनी हरि प्रसाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच अधिकारी को सौंपे गए प्रमुख दायित्व
नियुक्त जांच अधिकारी को पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
- धन मांगने के आरोपों की विस्तृत जांच
- दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया की समीक्षा
- पीड़ित के बयान दर्ज करना
- संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ
भ्रष्टाचार पर प्रशासन की सख्त नीति
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देवरिया खतौनी संशोधन भ्रष्टाचार मामला जैसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से कहा गया है कि जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ग्रामीणों में कार्रवाई से बढ़ा प्रशासन पर भरोसा
इस कार्रवाई के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भूमि से जुड़े मामलों में अब अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
राजस्व विभाग में सुधार की दिशा में अहम कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि देवरिया खतौनी संशोधन भ्रष्टाचार मामला में की गई यह कार्रवाई राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे कर्मचारियों में अनुशासन बढ़ेगा और आम जनता को समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी।
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