देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को बुधवार शाम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश के बाद रिहा कर दिया गया। जमानतदारों के सत्यापन के उपरांत जेल प्रशासन ने उन्हें रिहाई की अनुमति प्रदान की।
10 दिसंबर से थे जिला कारागार में निरुद्ध
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर बीते 10 दिसंबर से जिला कारागार देवरिया में बंद थे। जेल से रिहा होने के बाद वे बिना किसी सार्वजनिक बयान के अपने रिश्तेदारों के साथ गोपनीय स्थान के लिए रवाना हो गए।
धोखाधड़ी और भूमि आवंटन से जुड़ा मामला
अमिताभ ठाकुर को धोखाधड़ी से जमीन हड़पने के आरोप में जेल भेजा गया था। मामला वर्ष 1999 में जिला उद्योग केंद्र देवरिया में हुए औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़ा है, जिसमें कथित फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए थे।
| विवरण | जानकारी | स्थिति |
|---|---|---|
| आरोपी | अमिताभ ठाकुर (पूर्व आईपीएस) | रिहा |
| जेल अवधि | 10 दिसंबर 2025 से | समाप्त |
| मामला | औद्योगिक प्लॉट फर्जीवाड़ा | विचाराधीन |
| रिहाई का आधार | सीजेएम कोर्ट का आदेश | मान्य |
| संबंधित संस्था | जिला उद्योग केंद्र, देवरिया | जांचाधीन |
- फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट आवंटन का आरोप।
- पत्नी के नाम जमीन कराने का मामला।
- पद के दुरुपयोग की भी जांच।
पत्नी पर लगे थे गंभीर आरोप
आरोप है कि उनकी पत्नी नूतन ठाकुर ने फर्जी नाम, पता और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से नूतन इंडस्ट्रीज के नाम से प्लॉट का आवंटन कराया था। बाद में अभिलेखों में परिवर्तन कर जमीन अपने नाम कराई गई।
जेल प्रशासन का बयान
इस संबंध में जेल अधीक्षक आशीष रंजन ने बताया कि जमानतदारों के सत्यापन के बाद सीजेएम न्यायालय से रिहाई का आदेश प्राप्त हुआ, जिसके आधार पर अमिताभ ठाकुर को जेल से रिहा किया गया।
निष्कर्ष
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की रिहाई के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है। आने वाले समय में अदालत के फैसले से ही इस प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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