देवरिया, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
देवरिया में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के साथ कथित मारपीट के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम) की कोर्ट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व आईपीएस के सहयोगी बलिया जिले के शाहपुर टिटिहा निवासी सिंहासन चौहान ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें गिरफ्तारी के दौरान मारपीट, चोटें, चश्मा टूटने और एक्स अकाउंट निलंबन जैसे आरोप लगाए गए। प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए देवरिया कोतवाली से रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को निर्धारित की गई है।
प्रार्थना पत्र में लगे मुख्य आरोप
आवेदन में कहा गया है कि 9 दिसंबर 2025 की रात शाहजहांपुर से ट्रेन से उतरते ही पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को बिना किसी अपराध के गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया। गिरफ्तारी में एसटीएफ लखनऊ और देवरिया की संयुक्त टीम शामिल थी। आरोप है कि:
- गिरफ्तारी के दौरान मारपीट की गई, जिससे गंभीर चोटें आईं और चश्मा टूट गया।
- अमिताभ ठाकुर का एक्स अकाउंट निलंबित कर दिया गया।
- उनके संबंध में झूठा प्रेस नोट जारी किया गया।
- जेल में शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना की जा रही है।
- सोते समय भी सीसी कैमरे से निगरानी की जा रही है।
- गतिविधियों पर अनावश्यक प्रतिबंध लगाए गए।
आवेदक ने अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अमिताभ यश समेत छह अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
सुनवाई का विवरण: कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
सुनवाई में प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लिया गया। सीजीएम ने देवरिया कोतवाली से पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी है। सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया और 19 जनवरी को अगली सुनवाई निर्धारित की।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आवेदक | सिंहासन चौहान (पूर्व आईपीएस के सहयोगी) |
| आरोपी | अपर पुलिस महानिदेशक अमिताभ यश सहित 6 अधिकारी |
| घटना तिथि | 9 दिसंबर 2025 (रात) |
| आरोप | गिरफ्तारी के दौरान मारपीट, चोटें, एक्स अकाउंट निलंबन, जेल में प्रताड़ना |
| कोर्ट | मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजीएम), देवरिया |
| अगली सुनवाई | 19 जनवरी |
| कार्रवाई | कोतवाली से रिपोर्ट मांगी |
यह तालिका मामले के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करती है।
निष्कर्ष: न्याय की प्रक्रिया तेज
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के साथ कथित मारपीट के मामले में सीजीएम की कार्रवाई से जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी है। कोतवाली से रिपोर्ट मांगना और 19 जनवरी को सुनवाई निर्धारित करना त्वरित न्याय की ओर संकेत है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पक्षों को तथ्यों पर भरोसा रखना चाहिए। जांच पूरी होने पर सच्चाई सामने आएगी।




