देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया के बहुचर्चित अवैध मजार मामले में गुरुवार को पांचवें दिन भी ध्वस्तीकरण के बाद बचे मुख्य गुंबद के अवशेषों को हटाने की कार्रवाई जारी रही। मजार कमेटी की ओर से पूरे दिन मलबे के बीच से सरिया, पाइप और लोहे की छड़ों को निकालने का काम किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी भीड़ जुटी रही, जिसे नियंत्रित करने के लिए कोतवाली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद दिखी।
मुख्य गुंबद के अवशेष हटाने में आई मुश्किल
गोरखपुर ओवरब्रिज के समीप स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार को रविवार और सोमवार को बुलडोजर व पोकलेन मशीनों से ध्वस्त किया गया था। इस दौरान मजार का मुख्य गुंबद भी तोड़ दिया गया, लेकिन उसकी मजबूत संरचना के कारण पूरा ढांचा गिर नहीं सका। तीसरे और चौथे दिन भी मजदूरों द्वारा गुंबद के अवशेषों को तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन शाम तक काम पूरा नहीं हो सका।
पांचवें दिन भी जारी रही सफाई और तोड़फोड़
गुरुवार को पांचवें दिन भी मजार कमेटी के लोग सुबह से ही मौके पर जुटे रहे। मजदूरों ने मजार के अंदर और बाहर सफाई के साथ-साथ मलबे से लोहे की रॉड और छड़ों को काटकर बाहर निकालने का काम किया। बताया जा रहा है कि गुंबद को इतनी मजबूती से बनाया गया था कि उसे तोड़ने में मशीनें भी जवाब दे रही हैं और मजदूरों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
- रविवार और सोमवार को बुलडोजर से मजार ध्वस्त
- मुख्य गुंबद के अवशेष अब भी पूरी तरह नहीं हटे
- मलबे से सरिया और लोहे की छड़ें निकाली जा रहीं
मजार देखने उमड़ी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
मजार टूटने के बाद से ही यहां लोगों की भीड़ जुट रही है। शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोग मौके पर पहुंचकर पहले क्षतिग्रस्त ढांचे को देखते हैं, फिर वीडियो बनाते और वीडियो कॉल के जरिए दूसरों को भी दृश्य दिखाते नजर आए। कई महिलाएं बुर्का पहनकर भी यहां पहुंचीं और मलबे को देखा।
ओवरब्रिज पर रुकते रहे वाहन
गोरखपुर ओवरब्रिज से गुजरने वाले कई लोग अपने वाहन रोककर नीचे मजार के अवशेष देखने लगे, जिससे यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी। सुबह और दोपहर के समय पुलिस को कई बार भीड़ हटानी पड़ी। भीड़ नहीं मानने पर युवकों को खदेड़ा भी गया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली विनोद कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर ओवरब्रिज पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
निष्कर्ष: कार्रवाई जारी, सुरक्षा कड़ी
अवैध मजार को ध्वस्त किए जाने के बाद भी उसका मुख्य गुंबद प्रशासन और कमेटी के लिए चुनौती बना हुआ है। पांचवें दिन भी अवशेष हटाने का काम जारी रहा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




