देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
देवरिया हाईटेंशन तार हादसा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 25 फरवरी 2026 को सुबह करीब 9 बजे बरठा–सलेमपुर मार्ग पर विराजभार गांव के पास हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक ट्रक में आग लग गई, जिससे ट्रक चालक की करंट की चपेट में आकर मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने विद्युत आपूर्ति बंद कराई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
देवरिया हाईटेंशन तार हादसा कैसे हुआ
देवरिया हाईटेंशन तार हादसा उस समय हुआ जब ट्रक चालक अपने वाहन से गल्ला लेकर सलेमपुर की ओर जा रहा था। जैसे ही ट्रक विराजभार गांव के पास पहुंचा, ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया।
तार के संपर्क में आते ही ट्रक में करंट फैल गया और उसमें आग लग गई, जिससे चालक गंभीर रूप से झुलस गया।
मृतक चालक की पहचान और पारिवारिक विवरण
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रामप्रताप कुशवाहा (55 वर्ष) पुत्र स्व. हरदेव, निवासी कोटिया टोला, धनौती ढाला, थाना सलेमपुर के रूप में हुई है।
रामप्रताप कुशवाहा रोजी-रोटी के लिए ट्रक चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी असमय मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और विद्युत विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और विद्युत आपूर्ति को बंद कराया गया।
इसके बाद ट्रक से शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
कोतवाल ने हादसे की बताई वजह
सलेमपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक महेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि हाईटेंशन तार सड़क के ऊपर से गुजर रहा था और उसमें लगातार विद्युत प्रवाह था।
ट्रक के तार से संपर्क में आते ही पूरे वाहन में करंट फैल गया, जिससे चालक झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल
देवरिया हाईटेंशन तार हादसा के बाद कुछ समय के लिए बरठा–सलेमपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को धीरे-धीरे बहाल कराया।
विद्युत व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद क्षेत्र में विद्युत लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार पहले से ही खतरा बने हुए थे।
- सड़क के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइन
- नियमित निरीक्षण की कमी
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंका
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए बिजली लाइनों की ऊंचाई और सुरक्षा व्यवस्था की जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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