देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता लगभग साफ हो गया है। औद्योगिक प्लाट आवंटन से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में निरुद्ध अमिताभ ठाकुर की बुधवार देर शाम तक रिहाई संभव मानी जा रही है।
10 दिसंबर से जेल में हैं पूर्व आईपीएस
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर 10 दिसंबर 2025 से देवरिया जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ औद्योगिक प्लाट आवंटन में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। बीते दो माह से उनके अधिवक्ताओं द्वारा जमानत के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जो अब सफल होते नजर आ रहे हैं।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए जमानतदार
अधिवक्ताओं द्वारा एक लाख रुपये के दो जमानतदार एवं व्यक्तिगत बंध पत्र सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत किए गए। अदालत ने जमानतदारों के सत्यापन के लिए संबंधित थानों और तहसीलों को उसी दिन कागजात भेज दिए।
बुधवार को मिल सकता है सत्यापन, रिहाई की उम्मीद
संभावना जताई जा रही है कि बुधवार को थानों और तहसीलों से सत्यापन रिपोर्ट न्यायालय को प्राप्त हो जाएगी। ऐसी स्थिति में यदि जमानतदार न्यायालय में उपस्थित होते हैं, तो अमिताभ ठाकुर की रिहाई जिला कारागार देवरिया से हो जाएगी।
लखनऊ कोर्ट का वारंट बी तकनीकी कारणों से निरस्त
इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में लखनऊ की अदालत से निर्गत वारंट बी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ द्वारा तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिया गया है। इससे पूर्व आईपीएस की रिहाई में आ रही संभावित कानूनी अड़चन भी समाप्त हो गई है।
मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारियां
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| आरोपी | पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर |
| मामला | औद्योगिक प्लाट आवंटन में धोखाधड़ी |
| जेल में निरुद्ध | 10 दिसंबर 2025 से |
| जमानत राशि | ₹1 लाख के दो जमानतदार |
| रिहाई की संभावना | बुधवार देर शाम |
कानूनी प्रक्रिया अंतिम चरण में
कानूनी जानकारों के अनुसार अब केवल सत्यापन प्रक्रिया पूरी होना शेष है। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होते ही जिला कारागार प्रशासन को रिहाई आदेश प्राप्त हो जाएगा।
निष्कर्ष
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की संभावित रिहाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। यदि बुधवार को सत्यापन रिपोर्ट समय पर अदालत पहुंच जाती है, तो लंबे समय से जेल में बंद पूर्व आईपीएस को राहत मिलना तय माना जा रहा है। इस घटनाक्रम पर प्रशासन और आमजन की निगाहें टिकी हुई हैं।
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