देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गोताखोर सुरेंद्र साहनी की मौत के बाद शुक्रवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। करीब एक घंटे की मान-मनौव्वल के बाद प्रशासन द्वारा नौकरी और मुआवजे का आश्वासन दिए जाने पर परिजन शांत हुए।
पोस्टमार्टम के बाद भड़का आक्रोश
गौरा निवासी 45 वर्षीय गोताखोर सुरेंद्र साहनी का शव शुक्रवार शाम करीब छह बजे उनके आवास पर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और आर्थिक मुआवजे की मांग को लेकर बरहज-गौरा मार्ग जाम कर दिया।
सरयू नदी में डूबने से हुई थी मौत
सुरेंद्र साहनी की गुरुवार को सरयू नदी में डूबने से मौत हो गई थी। वह परसिया देवार निवासी किसान धरमू प्रसाद की तलाश में गोताखोरी कर रहे थे, जो पहले नदी में डूब गए थे।
खोज अभियान के दौरान ही यह हादसा हुआ, जिसमें सुरेंद्र साहनी की जान चली गई।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस सुरेंद्र साहनी को घर से पकड़कर ले गई थी और डूबने की सूचना समय पर परिवार को नहीं दी गई।
परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते सूचना दी जाती, तो शायद जान बचाई जा सकती थी।
सड़क जाम और पुलिस से हुई नोकझोंक
पहले शव को गौरा पुलिस चौकी के सामने रखने का प्रयास किया गया, लेकिन पुलिस ने वहां से हटा दिया। इसके बाद मोहन सेतु मोड़ पर शव रखकर जाम लगा दिया गया।
शव हटाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाली स्थिति
सूचना मिलने पर एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और तहसीलदार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत आसपास के थानों की पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात की गई।
प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मृतक को जबरन नहीं ले जाया गया था। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
परिवार को मिली सहायता का आश्वासन
| सहायता का प्रकार | विवरण | लाभार्थी |
|---|---|---|
| नौकरी | नगर पालिका में आउटसोर्सिंग पर नियुक्ति | मृतक की पत्नी |
| शिक्षा सहायता | वाल्मीकि शिक्षा योजना के तहत नामांकन | दोनों बच्चे |
| आर्थिक सहायता | दुर्घटना हित लाभ योजना | परिवार |
प्रशासन की ओर से इन घोषणाओं के बाद परिजन शांत हुए और सड़क जाम समाप्त कर दिया गया।
निष्कर्ष
गोताखोर सुरेंद्र साहनी की मौत के बाद हुआ यह प्रदर्शन प्रशासनिक व्यवस्था और राहत अभियानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को सहायता का भरोसा दिलाया है। अब सभी की नजरें जांच और घोषित सहायता के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
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