लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्किल हब बनाने के उद्देश्य से डीडीयू-जीकेवाई 2.0 एवं आरसेटीआई 2.0 के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला एवं प्री-ईसी बैठक का लखनऊ स्थित होटल सेंट्रम में सफल समापन हुआ।
समापन सत्र में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक रोजगार पहुँचाना ही प्राथमिक उद्देश्य है।
अंत्योदय के संकल्प के साथ रोजगार पर जोर
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अंत्योदय के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ग्रामीण और वंचित युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस कर आत्मनिर्भर बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।
डीडीयू-जीकेवाई 1.0 की बड़ी उपलब्धि
मंत्री ने बताया कि डीडीयू-जीकेवाई 1.0 के तहत प्रदेश में 2.62 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से लगभग 2 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
इसी सफलता के आधार पर केंद्र सरकार से आगामी वर्षों में 4.5 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है।
2026-27 बजट में कौशल विकास पर विशेष फोकस
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनका फोकस ग्रामीण युवाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं वंचित वर्ग पर रहेगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से हाई-टेक हुआ मिशन
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने उत्तर प्रदेश के कौशल विकास मॉडल का प्रस्तुतीकरण करते हुए बताया कि उद्योग आधारित प्रशिक्षण, डिजिटल मॉनिटरिंग और रोजगार लिंकिंग को प्रमुख आधार बनाया गया है।
उन्होंने ‘कौशल दृष्टि’ ऐप और ‘कौशल दिशा’ पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण केंद्रों की रीयल-टाइम निगरानी एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी।
ब्लॉक स्तर पर रोजगार मेलों की सफलता
ब्लॉक स्तर पर आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से लाखों युवाओं को सीधे नियुक्ति पत्र देकर रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ा गया है।
राष्ट्रीय स्तर पर यूपी मॉडल की सराहना
प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम ने कहा कि राज्यों के बीच सहयोगात्मक संवाद देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, बिहार और झारखंड के प्रतिनिधियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अधिकारियों की सहभागिता
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक राज प्रिय सिंह, लद्दाख के मिशन निदेशक सैयद सज्जाद कादरी सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
डीडीयू-जीकेवाई 2.0 कार्यशाला प्रदेश में कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार सृजन को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
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