लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
-सीएम योगी ने लखनऊ में 18.78 लाख छात्रों को ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति डीबीटी से जारी करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 12 बजे तक सोकर उठने वाले बबुआ को गरीबों और वंचित वर्ग के बच्चों की पढ़ाई की कभी चिंता नहीं रही। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष और पारदर्शी डीबीटी प्रणाली के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में ₹944.55 करोड़ की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि हस्तांतरित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
डीबीटी से खत्म हुआ भ्रष्टाचार का खेल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति योजनाएं गरीब छात्रों तक नहीं पहुंच पाती थीं। कभी नीयत आड़े आती थी तो कभी विभागीय भ्रष्टाचार। आज डीबीटी के माध्यम से एक क्लिक में बिना किसी भेदभाव के धनराशि सीधे छात्रों के खातों में पहुंच रही है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है।
जो सूरज निकलने के बाद उठे, उसे सूर्योदय भी फिजूल लगेगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि जो सूरज निकलने के बाद उठते हैं, उन्हें सूर्योदय की बात भी फिजूल लगती है। ऐसे लोग न प्रदेश की चिंता कर सकते हैं और न ही गरीबों की। उन्होंने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट होती है, तभी योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचता है।
गणतंत्र दिवस पर छात्रों को मिली बड़ी सौगात
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। तकनीक के माध्यम से ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदला गया है।
डीबीटी छात्रवृत्ति वितरण का पूरा विवरण
| विवरण | आंकड़े |
|---|---|
| कुल लाभार्थी छात्र-छात्राएं | 18,78,726 |
| कुल वितरित राशि | ₹944.55 करोड़ |
| वित्तीय वर्ष | 2025-26 |
| भुगतान प्रणाली | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) |
छात्रों की सफलता बनी प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति से लाभान्वित होकर सफल हुए छात्रों के उदाहरण साझा किए। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक बनी एक छात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटियों का स्वावलंबी बनना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। ऐसी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बना रही हैं।
शिक्षा ढांचे में ऐतिहासिक सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और अभ्युदय कोचिंग योजना के जरिए नीट, जेईई और यूपीएससी की तैयारी की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। यह सभी योजनाएं “राष्ट्र प्रथम” की भावना से संचालित हो रही हैं, न कि “परिवार प्रथम” की सोच से।
निष्कर्ष
छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को सामाजिक न्याय का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए अंतिम पंक्ति में खड़े छात्र तक सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डीबीटी प्रणाली, शिक्षा सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रदेश को विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं।
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