लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
लखनऊ के चंद्रा डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रोस्थोडॉन्टिक्स डिपार्टमेंट ने 8 जनवरी 2026 को ‘गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी’ पर एक शानदार वर्कशॉप का आयोजन किया। यह पहली बार आयोजित ऐसा विशेष एकेडमिक इवेंट था, जिसमें डिजिटल डेंटिस्ट्री की नवीनतम तकनीकों पर फोकस किया गया। मुख्य अतिथि KGMU के प्रो. कमलेश्वर सिंह (वाइस-प्रेसिडेंट, उत्तर प्रदेश डेंटल काउंसिल) ने गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी को डेंटल केयर का भविष्य बताया। यह वर्कशॉप स्टूडेंट्स, फैकल्टी और प्रोफेशनल्स के लिए प्रेरणादायक साबित हुई, जो डेंटल शिक्षा और मरीजों की बेहतर देखभाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्य अतिथि का संबोधन: डिजिटल टेक्नोलॉजी का महत्व
प्रो. कमलेश्वर सिंह ने गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी को डिजिटल टेक्नोलॉजी और क्लिनिकल एक्सपर्टीज का परफेक्ट इंटीग्रेशन बताया। उन्होंने कहा कि CBCT इमेजिंग और डिजिटल इंप्रेशन से सटीक डायग्नोसिस होता है, जिससे इम्प्लांट की पोजिशन, एंगुलेशन और डेप्थ पहले से प्लान की जा सकती है। यह प्रोस्थेटिकली ड्रिवन अप्रोच फंक्शन, एस्थेटिक्स और बायोमैकेनिक्स में तालमेल सुनिश्चित करती है। सर्जिकल गाइड से गलतियां कम होती हैं, नसों-साइनस को नुकसान का रिस्क घटता है और मरीज जल्दी ठीक होते हैं। कम हड्डी वाले मामलों में यह सुरक्षित विकल्प है। प्रो. सिंह ने डेंटल प्रोफेशनल्स को लगातार सीखने और ऐसी वर्कशॉप आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
गेस्ट स्पीकर डॉ. नवनीत कुमार का लाइव डेमो
गेस्ट स्पीकर डॉ. नवनीत कुमार (इम्प्लांट डेंटिस्ट्री एक्सपर्ट) ने लाइव सर्जिकल प्रोसीजर किया, जिससे प्रतिभागियों को कीमती क्लिनिकल इनसाइट्स मिलीं। उन्होंने कहा कि गाइडेड इम्प्लांट सर्जरी गेम-चेंजर है – इसे अपनाएं और रिस्टोरेटिव डेंटिस्ट्री के स्टैंडर्ड्स बेहतर बनाएं। यह स्टूडेंट्स के लिए इम्प्लांट पोजिशनिंग समझने का बेहतरीन टूल है।
विभाग प्रमुख डॉ. अरविंद कुमार सिंह का बयान
डॉ. अरविंद कुमार सिंह (वाइस-प्रिंसिपल और प्रोस्थोडॉन्टिक्स हेड) ने कहा कि इम्प्लांट डेंटिस्ट्री तेजी से विकसित हो रही है और डिजिटल टेक्नोलॉजी डायग्नोसिस, प्लानिंग और ट्रीटमेंट बदल रही है। गाइडेड सर्जरी पेशेंट-सेंटर्ड केयर का उदाहरण है। यह पहली बार आयोजित ऐसा स्पेशलाइज्ड इवेंट था, जो एडवांस्ड डेंटल एजुकेशन को बढ़ावा देगा।
अन्य अतिथि और योगदान
गेस्ट ऑफ ऑनर डॉ. श्रुति शर्मा ग्रोवर (डायरेक्टर, बोर्ड मेंबर और CDE कन्वीनर) ने विभाग की तारीफ की। प्रिंसिपल डॉ. अरुण वर्मा ने प्लानिंग और साइंटिफिक तरक्की को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने पर जोर दिया। फैकल्टी मेंबर डॉ. गौरव चंद्रा, डॉ. अमृता जायसवाल, डॉ. पंकज कुमार यादव, डॉ. प्रदीप कुमार पांडे, डॉ. कौशिक पांडे, डॉ. देवेंद्र चोपड़ा, डॉ. अभिषेक कौशिक और डॉ. निवेदिता राय ने कार्यक्रम सफल बनाया।
डेंटल एजुकेशन में नया अध्याय
चंद्रा डेंटल कॉलेज की यह वर्कशॉप डिजिटल डेंटिस्ट्री के भविष्य को दर्शाती है। प्रो. कमलेश्वर सिंह और डॉ. नवनीत कुमार के मार्गदर्शन से स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स को नई तकनीक सीखने का अवसर मिला। संस्थान का यह प्रयास एडवांस्ड डेंटल एजुकेशन और मरीजों की बेहतर देखभाल की दिशा में मील का पत्थर है। ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहें, तो डेंटल फील्ड में नई क्रांति आएगी।




