देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी के जवाब में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता एस.एन. सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि केवल छोटा पैजामा पहनने और टोपी लगाने से कोई मुसलमान नहीं बन जाता, बल्कि उसके लिए आचरण और व्यवहार भी जरूरी होता है।
सपा प्रमुख के बयान पर भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एस.एन. सिंह ने रविवार को देवरिया में जारी बयान में बिना नाम लिए एक प्रमुख दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल बाहरी पहनावे के आधार पर खुद को किसी विशेष समुदाय या परंपरा से जोड़ने की कोशिश करते हैं, जबकि असली पहचान व्यक्ति के कर्म और विचारों से होती है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में सपा प्रमुख द्वारा यह टिप्पणी की गई थी कि कान छिदवाने और भगवा वस्त्र पहनने से कोई योगी नहीं बन जाता। इसी बयान के जवाब में भाजपा ने यह प्रतिक्रिया दी है।
आचरण और विचारों पर उठाए सवाल
एस.एन. सिंह ने कहा कि जो व्यक्ति रामचरितमानस की प्रतियां जलवाता हो, साधु-संतों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करता हो, काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों का अपमान करता हो, समाज में गलत संदेश देता हो, उसे किसी भी धर्म या परंपरा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ नेता साधु-संतों और सनातन संस्कृति को लेकर प्रमाणपत्र बांटने का काम कर रहे हैं, जो समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करता है।
भाजपा प्रवक्ता के मुख्य बयान
- धर्म की पहचान केवल पहनावे से नहीं होती
- व्यक्ति का आचरण और सोच सबसे महत्वपूर्ण
- धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर सवाल
- राजनीति में मर्यादा बनाए रखने की जरूरत
प्रदेश की राजनीति में बढ़ा विवाद
भाजपा प्रवक्ता के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में विवाद और गहरा गया है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए इस तरह की टिप्पणियां और प्रतिक्रियाएं और बढ़ सकती हैं।
दोनों ही दलों के नेता अपने-अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए सार्वजनिक मंचों से तीखे बयान दे रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है।
निष्कर्ष
एस.एन. सिंह के बयान से स्पष्ट है कि सपा प्रमुख की टिप्पणी को लेकर भाजपा आक्रामक रुख अपनाए हुए है। यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। ऐसे में राजनीतिक दलों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे मर्यादित भाषा का प्रयोग करें और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें।
👉 राजनीतिक खबरों की ताज़ा अपडेट के लिए हमारा व्हाट्सएप्प चैनल फॉलो करें – Web Varta
ये भी पढ़ें: देवरिया में दिल दहला देने वाली वारदात: चाचा पर 6 वर्षीय भतीजी की हत्या का आरोप, दुष्कर्म की भी जांच








