बसंत पंचमी पर नर्मदेश्वर धाम गुजीदेई में भव्य भजन संध्या — “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंजा वातावरण

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हरदोई, धर्म-संस्कृति डेस्क | वेब वार्ता 

बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हरदोई जनपद के तहसील शाहाबाद क्षेत्र के ग्राम गुजीदेई स्थित नवनिर्मित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मीकान्त पाठक के नेतृत्व में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को जीवंत बना दिया।

माँ सरस्वती वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

भजन संध्या की शुरुआत माँ सरस्वती (वीणावादिनी) के वंदन से हुई। माँ शारदा की आराधना के साथ ही कार्यक्रम स्थल में भक्ति और ज्ञान का समागम हो गया। इसके उपरांत भगवान भोलेनाथ के भजनों की मधुर धुनों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। “हर-हर महादेव” और “जय भोलेनाथ” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।

भक्ति से सराबोर श्रद्धालु झूम उठे

भजनों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु आनंद और भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। छोटे-बड़े सभी श्रद्धालु भगवान शिव के नाम पर नाचते और भजनों की लय में भावविभोर होते दिखाई दिए। वातावरण में भक्ति, संगीत और आनंद का अद्भुत संगम देखने को मिला।

फूलों से सजा नर्मदेश्वर धाम

भजन संध्या के अवसर पर नर्मदेश्वर धाम को सुंदर फूलों की मालाओं, रंगीन झालरों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। मंदिर के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक पुष्प सज्जा ने परिसर को अलौकिक बना दिया। दीपों की रोशनी और सुगंधित धूप से पूरा वातावरण पवित्रता से ओत-प्रोत रहा।

क्षेत्रीय श्रद्धालुओं की रही भारी उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में आसपास के अनेक गांवों से श्रद्धालु शामिल हुए। बरगदिया से महेश राजपूत एवं गिरिंद राजपूत, परेली से ओम निवास पाठक, राजेश्वर, नन्हेलाल सक्सेना, सूरापुर से वाकेलाल कुशवाहा, तथा गुजीदेई से उमेश चन्द्र त्रिवेदी, रामकिशोर गुप्ता, ऋषिकांत पाठक, रमाकांत, शरदेंदु, प्रच्छित, हिमांशु, अच्युत, प्रत्यूष, अभिनव और आयुष सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।

बसंत पंचमी का आध्यात्मिक संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बसंत पंचमी न केवल ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना का दिन है, बल्कि यह जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक भी है। इस दिन से प्रकृति में भी नवजीवन का संचार होता है। भक्तों ने सामूहिक रूप से ज्ञान, विवेक और सुख-समृद्धि की कामना की।

प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों और बुजुर्गों ने बड़े उत्साह के साथ प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में भक्तों ने एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर आयोजनकर्ता लक्ष्मीकान्त पाठक ने उपस्थित सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और ग्रामवासियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भक्ति और सकारात्मकता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने बताया कि नर्मदेश्वर धाम में भविष्य में भी समय-समय पर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भजन संध्या का समापन भगवान भोलेनाथ की आरती और सामूहिक “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ हुआ, जिसके बाद पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

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