बलरामपुर, कमर खान | वेब वार्ता
जनपद बलरामपुर में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जननी सुरक्षा योजना (JSY) को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निःशुल्क एवं सुरक्षित प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
संस्थागत प्रसव से सुरक्षित रहता है मां और नवजात का जीवन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि संस्थागत प्रसव से गर्भावस्था और प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं की समय पर पहचान एवं उपचार संभव हो पाता है। इससे मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित रहती है और स्वास्थ्य जोखिमों में उल्लेखनीय कमी आती है।
जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाला आर्थिक लाभ
| क्षेत्र | प्रोत्साहन राशि | भुगतान माध्यम |
|---|---|---|
| ग्रामीण क्षेत्र | 1400 रुपये | सीधे बैंक खाते में |
| शहरी क्षेत्र | 1000 रुपये | सीधे बैंक खाते में |
सीएमओ ने बताया कि योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रसव उपरांत निर्धारित धनराशि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
24 घंटे उपलब्ध हैं प्रसव संबंधी सेवाएं
जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं जिला चिकित्सालय में 24 घंटे प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां प्रशिक्षित चिकित्सक, एएनएम एवं स्टाफ नर्स की तैनाती के साथ सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।
- निःशुल्क दवाइयां एवं जांच सुविधाएं
- प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ
- 24×7 प्रसव सेवाएं
- निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा
- साफ-सुथरा एवं सुरक्षित वातावरण
आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंच सुनिश्चित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इनके सहयोग से योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
घर पर प्रसव से बचने की अपील
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनपद की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे घर पर प्रसव कराने के बजाय नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव कराएं। इससे जटिलताओं से बचाव संभव होगा और मातृ-शिशु स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।
उन्होंने कहा— “सुरक्षित मातृत्व ही स्वस्थ समाज की मजबूत नींव है।”
निष्कर्ष
बलरामपुर में जननी सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल रहा है और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और आशा कार्यकर्ताओं की मेहनत से सुरक्षित मातृत्व का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।
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