बलरामपुर, संवाददाता | वेब वार्ता
किसानों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बनाने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मंगलवार को कृषि भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कृषि विभाग के विभिन्न पटलों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों की स्थिति और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
कृषि योजनाओं की प्रगति का लिया गया विस्तृत जायजा
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विभाग द्वारा संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख कृषि योजनाओं की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, लाभार्थियों की संख्या और जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों के संबंध में सवाल-जवाब किए।
| योजना / कार्यक्रम | समीक्षा बिंदु |
|---|---|
| राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन | लाभार्थी चयन व लक्ष्य पूर्ति |
| आत्मा योजना | प्रशिक्षण एवं किसान सहभागिता |
| पीएम कुसुम योजना | सोलर पंप स्थापना की प्रगति |
| हाइब्रिड धान बीज वितरण | बीज उपलब्धता व वितरण |
| फार्मर रजिस्ट्री | किसानों का पंजीकरण |
| कृषि विकास योजना | परियोजनाओं की स्थिति |
इस दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित रजिस्टरों, फाइलों और अभिलेखों का भी गहन निरीक्षण किया और सभी दस्तावेजों को समय से अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
तकनीकी और आधुनिक खेती पर दिया गया जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में तकनीकी और आधुनिक खेती ही किसानों की आय बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतर्जनपदीय भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के गन्ना किसानों को नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर भेजा जाए, ताकि वे उन्नत तकनीकों और नवीन शोध से लाभान्वित हो सकें।
कृषि विज्ञान केंद्रों के कार्यक्रमों का होगा व्यापक प्रचार
जिलाधिकारी ने जनपद के कृषि विज्ञान केंद्रों पर आयोजित होने वाले जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसानों को इन कार्यक्रमों से जोड़ा जाए, जिससे वे वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीज, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण
कृषि भवन निरीक्षण के उपरांत जिलाधिकारी ने जिला भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां संचालित योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों का नियमित अनुश्रवण किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करने, अभिलेखों को अद्यतन रखने और योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी किसानों तक पहुंचेगा, जब कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही होगी।
निष्कर्ष
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन का यह औचक निरीक्षण प्रशासन की सक्रिय निगरानी और जवाबदेही को दर्शाता है। कृषि विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा और तकनीकी खेती पर जोर से यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
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