शाहजहांपुर, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
बझेड़ा मिलावटी छेना भंडार कार्रवाई के तहत शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद तहसील के गुरगवा रोड स्थित भोले छेना भंडार पर खाद्य सुरक्षा विभाग और तहसील प्रशासन ने संयुक्त छापा मारते हुए बड़ी कार्रवाई की। 28 फरवरी 2026 को हुई इस छापेमारी में छेना निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध और हानिकारक केमिकल्स बरामद हुए। टीम ने मौके से छेने के तीन सैंपल भरकर सील कर दिए और उन्हें जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज दिया है।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजीत सिंह के नेतृत्व में तथा तहसीलदार अनुराग दुबे की मौजूदगी में की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दुकानदार नंद किशोर कथित रूप से छेना बनाने में विभिन्न प्रकार के विषैले रसायनों का उपयोग कर रहा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
छापेमारी में क्या मिला?
अधिकारियों ने दुकान की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में संदिग्ध केमिकल्स और मिलावटी सामग्री बरामद की। खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर ही तीन नमूने लेकर उन्हें विधिवत सील किया।
| कार्रवाई की तिथि | 28 फरवरी 2026 |
|---|---|
| स्थान | गुरगवा रोड, बझेड़ा, जलालाबाद तहसील |
| संबंधित प्रतिष्ठान | भोले छेना भंडार |
| भरे गए सैंपल | 3 (सरकारी लैब में जांच हेतु) |
जांच रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety Act) के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक संकेत बताते हैं कि यह प्रतिष्ठान लंबे समय से मिलावटी छेना तैयार कर रहा था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य पर संभावित खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, मिलावटी छेना या मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायन पेट दर्द, उल्टी-दस्त, फूड पॉइजनिंग और दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां की मिठाइयां सस्ती होने के कारण अधिक बिकती थीं, लेकिन कार्रवाई के बाद उपभोक्ता सतर्क हो गए हैं।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
तहसील प्रशासन और खाद्य विभाग ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए मिलावटखोरों पर विशेष नजर रखी जाएगी। यदि जांच में दोष सिद्ध हुआ तो लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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