हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता
हरदोई जनपद के विकास खंड कछौना अंतर्गत ग्राम कामीपुर में इन दिनों खुशी और गर्व का माहौल छाया हुआ है। गांव के होनहार युवक आशुतोष सिंह के भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन की खबर ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और जनपद में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। यह उपलब्धि कछौना के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी है, जो साबित करती है कि सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं।
संघर्ष और सफलता की प्रेरक यात्रा
23 वर्षीय आशुतोष सिंह, ग्राम कामीपुर निवासी राजकुमार सिंह (फार्मासिस्ट) के सुपुत्र हैं। उनकी माता विमलेश सिंह वर्तमान में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। आशुतोष शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने इंटरमीडिएट एवं बीएससी ऑनर्स की शिक्षा पूर्ण करने के बाद कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर वर्ष 2021 में भारतीय नौसेना में चयन प्राप्त किया।
कठिन SSB इंटरव्यू, शारीरिक परीक्षण और लिखित परीक्षाओं की चुनौतियों को पार करते हुए आशुतोष ने न केवल चयन सुनिश्चित किया, बल्कि लेफ्टिनेंट के प्रतिष्ठित पद पर पदभार भी ग्रहण कर लिया। केरल में भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण केंद्र में अपनी सेवा शुरू करने वाले आशुतोष की यह उपलब्धि हरदोई जनपद के लिए गौरव का विषय बन गई है।
परिवार और ग्रामीणों में उमड़ा उत्साह
आशुतोष की सफलता की खबर मिलते ही उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। पड़ोसी, रिश्तेदार, ग्रामीण और शुभचिंतक बड़ी संख्या में पहुंचे और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। ग्रामीणों ने इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि आशुतोष ने यह सिद्ध कर दिया है कि कड़ी मेहनत और संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
परिजनों ने बताया कि आशुतोष बचपन से ही अनुशासित और महत्वाकांक्षी रहे हैं। माता-पिता के निरंतर मार्गदर्शन और स्वयं की लगन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। पूरे परिवार में गर्व का भाव है कि उनका बेटा अब देश की सेवा में तैनात है।
हरदोई जनपद के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
यह उपलब्धि हरदोई जनपद के लिए विशेष गौरव की बात है। कछौना जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट बनना कोई साधारण बात नहीं। यह सफलता उन हजारों ग्रामीण युवाओं के लिए संदेश है जो सपने देखते हैं लेकिन संसाधनों की कमी से हताश हो जाते हैं। आशुतोष की मेहनत और समर्पण से साबित होता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | आशुतोष सिंह |
| उम्र | 23 वर्ष |
| जन्म स्थान | ग्राम कामीपुर, कछौना, हरदोई |
| पिता | राजकुमार सिंह (फार्मासिस्ट) |
| माता | विमलेश सिंह (शिक्षामित्र) |
| उपलब्धि | भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन |
| चयन वर्ष | 2021 |
| वर्तमान पदस्थापना | केरल, भारतीय नौसेना प्रशिक्षण केंद्र |
आशुतोष सिंह की सफलता हरदोई जनपद के युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा बन चुकी है। यह दिखाता है कि ग्रामीण अंचल से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की ऊँचाइयाँ हासिल की जा सकती हैं। उनकी यात्रा संघर्ष, साधना और सफलता की अनूठी कहानी है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। जनपदवासियों में गर्व का भाव है कि कछौना का यह लाल अब देश की सेवा में तैनात है। आशुतोष की सफलता हर उस युवा के लिए संदेश है जो सपनों को सच करने की राह पर चल रहा है।




