लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
आंगनवाड़ी केंद्र कार्ययोजना उत्तर प्रदेश के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए एक व्यापक और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। 28 फरवरी, 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को उसके स्वयं के समर्पित भवन से संचालित करने की दिशा में ठोस और समयबद्ध योजना बनाई जाए।
राज्य में वर्तमान समय में 1 लाख 89 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 76 हजार केंद्र अभी भी अपने स्वयं के भवनों के बिना संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए विभागीय अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए।
क्या है समस्या और क्यों जरूरी है नई कार्ययोजना?
आंगनवाड़ी केंद्र 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (Pre-Primary Education) का आधार होते हैं। वर्तमान में कई केंद्र किराए के भवनों, पंचायत भवनों या अस्थायी स्थानों से संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों के अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र कार्ययोजना उत्तर प्रदेश का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित, आकर्षक और शिक्षण-अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
प्राथमिक विद्यालय परिसरों में निर्माण पर जोर
सीएम योगी ने निर्देश दिया कि जहां भी संभव हो, आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों का निर्माण प्राथमिक विद्यालय परिसरों में किया जाए। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और बच्चों को स्कूल वातावरण से प्रारंभिक परिचय भी मिलेगा।
- विद्यालय परिसरों में भूमि उपलब्धता का उपयोग
- सुरक्षित और एकीकृत शिक्षा वातावरण
- शिक्षा एवं पोषण सेवाओं का समन्वय
- मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सुविधा
कैसा होगा नया आंगनवाड़ी ढांचा?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नए भवनों का डिजाइन Child-Friendly Infrastructure के अनुरूप हो। इसमें स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पेयजल, खेल क्षेत्र, पर्याप्त प्रकाश और वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
| मुख्य घटक | प्रस्तावित व्यवस्था |
|---|---|
| भवन | स्वयं का समर्पित एवं सुरक्षित परिसर |
| शिक्षण व्यवस्था | उच्च गुणवत्ता पूर्व-प्राथमिक शिक्षा |
| पोषण | संतुलित आहार वितरण |
| सुरक्षा | बाल-अनुकूल डिजाइन और निगरानी |
शिक्षा और पोषण सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि आंगनवाड़ी केंद्र कार्ययोजना उत्तर प्रदेश राज्य की प्रारंभिक बाल शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। समर्पित भवनों से संचालित केंद्र बच्चों की उपस्थिति, सीखने की गुणवत्ता और पोषण स्तर में सुधार लाने में सहायक होंगे।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्यान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा ही भविष्य की मजबूत नींव है और इस क्षेत्र में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
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