Tuesday, February 17, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

84 कोसी परिक्रमा की अव्यवस्थाओं पर अनिल शास्त्री ने जताई चिंता, बोले— आस्था की राह पर कष्ट अस्वीकार्य

हरदोई, लक्ष्मीकान्त पाठक | वेब वार्ता

पौराणिक 84 कोसी परिक्रमा को लेकर विख्यात कथावाचक एवं पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री ने व्यवस्थाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में परिक्रमा करना श्रद्धालुओं के लिए लगातार कठिन होता जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आस्था के इस महान पर्व में श्रद्धालुओं को कष्ट उठाना स्वीकार्य नहीं है और प्रशासन को इस दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।

नैमिषारण्य से होकर गुजरती है ऐतिहासिक परिक्रमा

यह पौराणिक परिक्रमा नैमिषारण्य से प्रारंभ होकर हरदोई जनपद के हरैया, भेरिया, नगवां, कोथावां, गिरधरपुर, उमरारी और साखिन गोपालपुर सहित अनेक गांवों से होकर गुजरती है।

प्रत्येक वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस परिक्रमा में भाग लेने पहुंचते हैं।

गिट्टी-बजरी बनी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी समस्या

पांचवें पड़ाव साखिन गोपालपुर से पहले बरौली, गोवर्धनपुर और वाजीदपुर मार्ग पर लंबे समय से पड़ी गिट्टी और बजरी परिक्रमार्थियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।

इस मार्ग का चौड़ीकरण प्रस्तावित था, जिसके तहत सड़क के दोनों ओर गिट्टी बिछाई गई थी, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया।

इसके चलते नंगे पांव चलने वाले साधु-संतों और श्रद्धालुओं को अत्यधिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।

पहले भी उठाई गई थी अतिक्रमण की समस्या

अनिल शास्त्री ने बताया कि पूर्व में जब वे रथों और सैकड़ों वाहनों के साथ परिक्रमा पर निकले थे, तब भी संकरे मार्ग और अतिक्रमण के कारण यात्रा बाधित हुई थी।

इस संबंध में प्रशासन से कई बार अतिक्रमण हटाने और मार्ग को सुगम बनाने की मांग की गई, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

श्रद्धालुओं से संवाद करेंगे अनिल शास्त्री

पीठाधीश्वर ने कहा— “मैं इस बार भी परिक्रमा करूंगा, सभी पड़ावों पर जाऊंगा और श्रद्धालुओं से मिलकर उनकी समस्याएं सुनूंगा। किसी को कोई परेशानी नहीं होने दूंगा।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्थाओं में पहले जैसी सुगमता नहीं रह गई है।

धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर जोर

अनिल शास्त्री ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व देश-विदेश तक फैला हुआ है।

साधु-संत परंपरा के अनुसार नंगे पांव यात्रा करते हैं, ऐसे में खराब मार्ग उनके लिए गंभीर कष्ट का कारण बन सकता है।

प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल

प्रशासन द्वारा निरीक्षण और तैयारियों के दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने, झाड़ियों की सफाई और गड्ढे भरने के निर्देश दिए हैं।

बावजूद इसके कई स्थानों पर अभी भी गिट्टी-बजरी और अधूरी सड़क की समस्या बनी हुई है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रखेंगे मांग

पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री ने कहा कि वे शीघ्र ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात कर परिक्रमा मार्ग के स्थायी समाधान की मांग करेंगे।

उनका उद्देश्य है कि भविष्य में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परंपरा गरिमा के साथ संपन्न हो।

निष्कर्ष

84 कोसी परिक्रमा को लेकर उठाई गई यह चिंता प्रशासन के लिए चेतावनी है। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो श्रद्धालुओं की आस्था और परंपरा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

👉 धार्मिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें – Web Varta

ये भी पढ़ें: 84 कोसी परिक्रमा का चौथा पड़ाव रामाधुन के साथ पहुंचा उमरारी, लाखों साधु-संत और श्रद्धालु हुए शामिल

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
- Advertisement -spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img
spot_img