Saturday, February 28, 2026
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वाटर शेड अभियान अंतर्गत जल संरक्षण हेतु आम जन को किया गया जागरूक

जल संरक्षण कर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करना होगा

कुशीनगर, ममता तिवारी (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में‌आज नेबुआ नौरंगिया विकास खण्ड अंतर्गत ग्राम सभा सिंगहा में वाटर शेड यात्रा अभियान का शुभारंभ डीसी मनरेगा एवं भूमि संरक्षण अधिकारी सहित ग्राम प्रधान दवारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
वाटर शेड यात्रा अंतर्गत सैकड़ों की संख्या में आमजन सहित प्राथमिक विद्यालय के छात्र/छात्राओं द्वारा प्रतिभाग कर जल संरक्षण के प्रति आमजन को जागरूक किया गया। इस दौरान पूरे ग्राम सभा में प्रभात फेरी का आयोजन कर जुलूस के रूप में स्लोगन के माध्यम से जागरूक करने का कार्य किया गया।
तत्पश्चात ग्रामीणों एवं कर्मचारियों द्वारा मोटरसाइकिल से पानी की रैली की यात्रा निकाली गई। इसी क्रम में ग्राम सभा टेढ़ी में पक्का चेक डैम एवं पेरिफेरल बन्ड बनवाने हेतु ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि की उपस्थिति में भूमि पूजन का कार्यक्रम किया गया।
इस अवसर पर डीसी मनरेगा राकेश, भूमि संरक्षण अधिकारी सुदीप वर्मा, ग्राम प्रधान अमित कुमार शाही सहित अन्य विभागों के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
विकास खण्ड विशुनपुरा के ग्राम सभा पकड़ियार में गांव की महिलाओं द्वार कलश यात्रा निकाली गई तथा भव्य कार्यक्रम का आयोजन कर कृषक बंधुओं को कैसे जल बचाएं/संरक्षित करें तथा जल का सदुपयोग करने हेतु जागरूक किया गया। उक्त स्थल पर बड़े आकार के नव निर्मित जल संरक्षण केंद्र/तालाब का लोकार्पण ग्राम प्रधान एवं अधिकारियों द्वारा किया गया, एवं तालाब के चारों तरफ वृक्षारोपण एवं श्रमदान किया गया।
कृषि विभाग के वैज्ञानिक द्वारा बताया गया कि जनपद में 03 वर्ष पूर्व सेटेलाइट के माध्यम से 55 ग्रामों में अधिक जल जमाव देखा गया जो विशुनपुरा और नेबुआ नौरंगिया विकास खण्ड के है, इसी लिए ये कार्यक्रम इन्हीं ग्रामों में किया गया ताकि आम जन को जागरूक किया जा सके। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अन्य कृषि से संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर डीसी मनरेगा राकेश द्वारा जल संचयन की आवश्यकता, भविष्य में इसकी उपयोगिता/महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी कृषक बंधुओं एवं माताओं बहनों को प्रेरित करते हुए भविष्य के लिए आगाह भी किया गया।
आयोजित गोष्ठी में वैज्ञानिकों द्वारा साउथ अफ्रीका कैप्टाउन की स्थिति को बताई गई, इसी क्रम में भारत के कई प्रदेशों में जल स्तर नीचे जाने से हैंड पाइप में पानी आना बंद हो गया। पानी संरक्षित करें, वर्षा जल का संचयन करें, खेत की मेड बंदी कर जल संरक्षित करें तथा वृक्ष भी लगाएं। तालाब निर्माण का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि जल का संचयन हो।
उप कृषि निदेशक आशीष कुमार द्वारा इस अवसर पर जल संचयन संबंधी शपथ भी दिलाई गई।
इस अवसर पर उप कृषि निदेशक आशीष कुमार, डीसी मनरेगा राकेश, जिला कृषि अधिकारी डॉ0 मेनका, खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी सुदीप वर्मा, भूमि संरक्षण निरीक्षक प्रभुनाथ शरण मिश्र सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।

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