सोनीपत, रजनीकांत चौधरी (वेब वार्ता)। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के टीडीआई सिटी स्थित राजयोग केंद्र, वरदानी भवन में ८९वां शिवजयंती महोत्सव आयोजित किया गया। दिल्ली पीतमपुरा से पधारीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका राजयोगिनी ब्रह्मा कुमारी प्रभा दीदी ने महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सर्व आत्माओं के परमपिता परमात्मा शिव का अवतरण भारत भूमि में सन 1936 में हो गया है। साकार मानवीय माध्यम प्रजापिता ब्रह्मा के द्वारा उन्होंने संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए आध्यात्मिक ज्ञान का प्रकाश एवं राजयोग की सशक्त विधि बताई है। 89 वर्ष पूर्ण होने पर यह समय की पुकार है की सच्ची शिवरात्रि मनायें और शिव परमात्मा से जन्म-जन्मांतर के लिए वरदानों से अपनी झोली भर लें।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम ने आज के अपने अनुभव को रोमांचित करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता को जाने एवं जीवन में लाये बिना हम अपूर्ण हैं।
सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी गीता ने राजयोग का महत्व बताकर अनुभूति कराई और सभी भाई बहनों को आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग के साप्ताहिक कोर्स का निमंत्रण दिया।
BBOA के अध्यक्ष राजेंद्र तुषीर तथा बहन शैली रिसर्च एसोसिएट निफ्टम ने भी अपनी शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे। लगभग डेढ़ सौ से अधिक भाई बहनों ने कार्यक्रम का लाभ लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन ब्रह्माकुमारी पूजा ने किया। ब्रह्माकुमारी किरण एवं ब्रह्माकुमारी मीनू ने कार्यक्रम की सुन्दर व्यवस्था की।
धरा पर परमात्मा शिव की उपस्थिति का संदेश रोमांचित करने वाला है-राकेश गौतम







