Sunday, February 1, 2026
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सोनीपत में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर: नगराधीश डॉ अनमोल ने कहा, सुरक्षित वातावरण विभागों की जिम्मेदारी HTML

सोनीपत, राजेश आहूजा | वेब वार्ता

सोनीपत जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 28 जनवरी 2026 को लघु सचिवालय में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 की जानकारी हेतु जिला स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि नगराधीश डॉ अनमोल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना प्रत्येक विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है। अधिनियम की जानकारी को व्यवहार में लागू करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी महिला कर्मचारी को उत्पीड़न का सामना नहीं करना चाहिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत विवरण

विषय विशेषज्ञ समीक्षा ने महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की अवधारणा, शिकायत निवारण प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की भूमिका, विभागीय जिम्मेदारियों और अधिनियम से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न एक गंभीर अपराध है, और अधिनियम के अंतर्गत किसी भी प्रकार के उत्पीड़न पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण प्रदान करने के लिए एक सशक्त कानून है। प्रत्येक विभाग में आईसीसी का गठन अनिवार्य है और शिकायत प्राप्त होने पर उसका समयबद्ध, निष्पक्ष एवं संवेदनशील निपटारा किया जाना चाहिए।

महिलाओं से अपील की गई कि वे किसी भी असहजता या उत्पीड़न की स्थिति में बिना भय के शिकायत दर्ज कराएं, ताकि न्याय मिल सके और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हो। प्रशिक्षण में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और संतोषजनक उत्तर प्राप्त किए।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और प्रमुख बिंदु

नगराधीश डॉ अनमोल ने विभागों को निर्देश दिए कि अधिनियम का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी प्रवीन कुमारी ने शी बॉक्स पोर्टल के बारे में जानकारी दी, जिसमें सभी विभागों की आईसीसी और जिला स्तर की स्थानीय शिकायत समिति (एलसीसी) का विवरण अपलोड किया जाता है तथा त्रैमासिक/वार्षिक रिपोर्ट नियमित रूप से अपलोड की जाती हैं। कार्यक्रम में जिला स्तरीय एलसीसी सदस्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, महिला संरक्षण अधिकारी, वन स्टॉप सेंटर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी और विभिन्न विभागों की आईसीसी सदस्यों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना और उत्पीड़न के मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना था।

  • मुख्य अतिथि: नगराधीश डॉ अनमोल।
  • विशेषज्ञ: समीक्षा और प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता।
  • मुख्य संदेश: कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण विभागों की जिम्मेदारी।
  • पोर्टल: शी बॉक्स पर आईसीसी/एलसीसी विवरण और रिपोर्ट अपलोड अनिवार्य।

भविष्य की कार्रवाई और जनता के लिए संदेश

प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद विभागों को अधिनियम के अनुपालन और आईसीसी गठन पर और सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए। महिलाओं से अपील की गई कि उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करें। जनता के लिए संदेश है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सामाजिक न्याय और समानता का आधार है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता से उत्पीड़न के मामले कम होंगे और सुरक्षित कार्य वातावरण बनेगा।

भविष्य में ऐसे कार्यक्रम अन्य जिलों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।

निष्कर्ष

सोनीपत में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नगराधीश डॉ अनमोल के संदेश से स्पष्ट है कि सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। यह प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों, लैंगिक समानता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देता है। अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से महिलाओं को भयमुक्त कार्यस्थल मिलेगा, जो समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।

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